सरकाघाट (हिमाचल प्रदेश), 30 अप्रैल।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने सरकाघाट में दिवंगत छात्रा सिया गुलारिया के परिवार से मुलाकात कर उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
13 अप्रैल 2026 को सरकाघाट क्षेत्र में कॉलेज जा रही SFI कार्यकर्ता सिया गुलारिया की एक नशे में धुत व्यक्ति द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई थी। यह घटना पूरे प्रदेश में आक्रोश का कारण बनी हुई है। सिया SFI की सरकाघाट इकाई की उपाध्यक्ष थीं और एक सक्रिय व संघर्षशील छात्र नेता के रूप में जानी जाती थीं।

SFI राज्य कमेटी ने बताया कि सिया के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, जिसके चलते संगठन ने प्रदेशभर में आर्थिक सहयोग की अपील की थी। उसी के तहत एकत्रित सहायता राशि परिवार को सौंपी गई। संगठन ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले समय में SFI की अखिल भारतीय कमेटी का प्रतिनिधिमंडल भी परिवार से मुलाकात कर आर्थिक मदद प्रदान करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में SFI राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर, राज्य सचिव सन्नी सेक्टा, मंडी जिला अध्यक्ष ऋतविक ठाकुर, जिला सचिव दीपक कुमार, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय छात्रा उपसमिति संयोजक नेहा कुमारी सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
इस दौरान SFI ने सिया की स्मृति को स्थायी रूप देने के लिए भी पहल की घोषणा की। संगठन ने प्रस्ताव रखा कि सिया के घर जाने वाले मार्ग पर उनका स्मारक स्थापित किया जाएगा और सरकाघाट कॉलेज के पुस्तकालय का नाम सिया गुलारिया के नाम पर रखा जाए। इसे सिया के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया गया।
SFI ने राज्य सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें भी रखीं। संगठन ने सिया के परिवार को शीघ्र 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने, आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने और प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार पर सख्त नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि प्रदेश में युवाओं के बीच नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय है और इस दिशा में व्यापक अभियान चलाने की आवश्यकता है। SFI ने चेतावनी दी कि यदि सिया के परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा।
SFI राज्य कमेटी ने स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।

