सुल्तानपुर, 27 अप्रैल। भीषण गर्मी और निजी विद्यालयों की मनमानी के खिलाफ सोमवार को भारत की जनवादी नौजवान सभा (DYFI) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के संयुक्त आह्वान पर जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग उठाई। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने ADM (FR) राकेश सिंह को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान DYFI के जिला मंत्री विवेक विक्रम सिंह ने कहा कि बढ़ती गर्मी में बच्चों को लंबे समय तक स्कूलों में रोके रखना उनके स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन स्वयं 11 बजे के बाद गर्मी को लेकर अलर्ट जारी कर चुका है, तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि छात्र-छात्राएं उससे पहले अपने घर पहुंच जाएं। उन्होंने मांग की कि सभी विद्यालयों का संचालन सुबह 7 बजे से 10:30 बजे तक ही किया जाए, ताकि किसी संभावित अनहोनी से बचा जा सके।

DYFI के जिला अध्यक्ष बाल कृष्ण मिश्रा ने शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि निजी विद्यालय अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को तय दुकानों से किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जहां उनसे मनमानी कीमत वसूली जाती है। उन्होंने सभी विद्यालयों में NCERT की किताबें लागू करने और निजी प्रकाशनों की किताबों पर रोक लगाने की मांग की।
वहीं SFI के जिला मंत्री दुर्गेश यादव ने निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ोतरी और एडमिशन शुल्क के नाम पर हर साल की जाने वाली वसूली पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस पर तत्काल रोक लगाकर सख्त नियम बनाए जाने चाहिए, ताकि शिक्षा को आम लोगों के लिए सुलभ और किफायती बनाया जा सके।
SFI के जिलाध्यक्ष सलिल धुरिया ने कहा कि शिक्षा का तेजी से हो रहा व्यवसायीकरण समाज के बड़े तबके को शिक्षा से दूर कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां बेरोजगारी बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है, जो चिंताजनक है।
प्रदर्शन के अंत में DYFI और SFI के कार्यकर्ताओं ने ADM (FR) को ज्ञापन सौंपते हुए विद्यालयों के समय में तत्काल बदलाव और निजी विद्यालयों की मनमानी पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
इस दौरान शशांक पांडेय, अमर बहादुर यादव, अशफिया, अंकिता वर्मा, सावन यादव, सुशील निषाद, राहुल मिश्र, अनूप निषाद, विपिन यादव, गौरव पांडेय, आफताब, अंशुमान, रोहित नाविक, ओम मिश्रा, अरविंद श्रीवास्तव, चंद्रसेन, मो. सैफ और खालिद हुसैन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

