केंद्र सरकार ने संसद सदस्यों को तीन अहम ड्राफ्ट विधेयक भेजे हैं, जिनमें लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने और संसद व राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव शामिल है। इन विधेयकों को 16 से 18 अप्रैल के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा।
ये प्रस्ताव नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पर आधारित हैं, जिसमें 33% महिला आरक्षण का प्रावधान किया गया था, लेकिन इसके लागू होने को जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया था। इसी कारण इसके लागू होने में देरी की आशंका जताई जा रही थी।
अगर नए विधेयक पारित होते हैं, तो 2029 के आम चुनाव में महिला आरक्षण लागू हो सकता है। हालांकि विपक्ष ने इसे चुनावी रणनीति बताते हुए आलोचना की है, खासकर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनाव से पहले इसे वोट बैंक की राजनीति करार दिया जा रहा है।

