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सुल्तानपुर में छात्रों का प्रदर्शन, NTA भंग करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग

NEET पेपर लीक के विरोध में SFI का प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका

आज दिनांक 14 मई 2026 को स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SFI) सुल्तानपुर ज़िला कमेटी ने बस स्टैंड के सामने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंक कर NEET UG परीक्षा का पेपर लीक होने के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया। 12 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG के 3 मई को आयोजित परीक्षा को पेपर लीक होने का कारण बताते हुए रद्द कर दिया जिसके बाद SFI ने दिल्ली में शास्त्री भवन पर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। SFI ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है और छात्रों से भरी मात्रा में NTA जैसी भ्रष्ट संस्था को भंग करने की मांग को लेकर आंदोलित होने की अपील करी।

सुल्तानपुर बस स्टैंड के सामने प्रदर्शन में SFI के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का पुतला फूंका और शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग के साथ NTA को भ्रष्ट बताते हुए भंग करते की मांग उठाई।

SFI सुल्तानपुर ज़िला सचिव दुर्गेश यादव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि ” NTA लगातार परीक्षाएं कराने में विफल रहा है और यह पहली बार नहीं है जब NEET जैसी राष्ट्रस्तरीय परीक्षा में पेपर लीक हुआ है। 2024 में और 2021 में भी NEET का पेपर लीक हुआ था और 2024 में UGC NET की परीक्षा का भी पेपर लीक हुआ था। लगातार इतनी गालियां करने के बाद भी सरकार NTA को भंग नहीं कर रही है, इसका साफ़ मतलब यह है कि NTA में भरी भ्रष्टाचार को अंजान दिया जा रहा है जिसको सरकार का संरक्षण प्राप्त है। CBI की जांच में एक भाजपा युवा मोर्चा का कार्यकर्ता गिरफ्तार किया गया है। इसको अगर भाजपा की मिलीभगत से कराया गया लीक न बोला जाए तो और क्या बोला जाए।”
SFI सुल्तानपुर ज़िला अध्यक्ष सलिल धुरिया ने अपने वक्तव्य में बताया कि “NEET के लिए 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, छात्रों ने सालों मेहनत करी थी और मानसिक तनाव झेला था और जब ऐसे पेपर लीक हो जाता है तो छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत ही खराब असर पड़ता है। साल दर साल देश में छात्रों की आत्महत्या की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है और जब इस तरह से पेपर लीक होते हैं तो छात्र हताश हो जाते हैं, उनके सालों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। NTA और शिक्षा मंत्री बार बार यह बताते रहे कि उसका संस्थान और उसकी कार्यप्रणाली सबसे सुरक्षित है पर फिर भी इतनी बड़ी मात्रा में पेपर लीक हो गया, इसका ज़िम्मेदार अगर NTA और धर्मेंद्र प्रधान नहीं हैं तो कौन है? सरकार ने देश की शिक्षा प्रणाली के हर पहलू को पूरी तरह बर्बाद करने का संकल्प लिया है, स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक, NEET JEE से लेकर RO ARO तक। पर SFI छात्रों के सामने सरकार की इस मंशा का पर्दाफाश करती रहेगी और छात्रों की इस लड़ाई को मज़बूत करती रहेगी।”

SFI ने प्रदर्शन में सरकार पर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा के केंद्रीयकरण और व्यवसायीकरण को बढ़ावा दे रही है। SFI का कहना है कि परीक्षाओं का केंद्रीयकरण कोचिंग माफियाओं को जन्म देता है जो इस तरह के पेपर लीक में शामिल होते हैं, जिसमें तमाम शिक्षा माफियाओं को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। इस मौके पर आशीष कुमार, जयप्रकाश,सूरज यादव,राहुल रावत, सूरज ,सुशील धुरिया , शिवम ,अतुल, प्रमोद चौधरी अन्य छात्र मौजूद रहे।

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