सुल्तानपुर में उत्तर प्रदेश ग्रामीण खेत मजदूर यूनियन ने प्रादेशिक आह्वान पर विभिन्न ग्राम पंचायतों में धरना-प्रदर्शन कर मनरेगा को समाप्त किए जाने के विरोध में आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति महोदय को संबोधित ज्ञापन पंचायत सचिवों को सौंपा।
यूनियन ने ज्ञापन के माध्यम से वीबीआरजीवाई (VBRGY) आजीविका मिशन को वापस लेने, मनरेगा कानून को प्रभावी रूप से लागू करने, साल में 200 दिन रोजगार की गारंटी देने तथा न्यूनतम मजदूरी 700 रुपये प्रतिदिन किए जाने की मांग उठाई।

उत्तर प्रदेश ग्रामीण खेत मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश कोरी ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में बीजेपी सरकार बनने के बाद मनरेगा के लिए पर्याप्त बजट आवंटित नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत मजदूरों को औसतन 50 दिन से अधिक रोजगार कभी नहीं मिल सका, जबकि मजदूर संगठन लगातार 200 दिन रोजगार और 700 रुपये दैनिक मजदूरी की मांग करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एक झटके में मनरेगा कानून को समाप्त कर वर्ष 2025 में वीबीआरजीवाई आजीविका मिशन को जल्दबाजी में लागू कर दिया, जिससे रोजगार की गारंटी खत्म होने का खतरा पैदा हो गया है। उनका कहना था कि इससे मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मजदूरों और यूनियन कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा सरकार से मजदूर हितों की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।

