नई दिल्ली, 28 अगस्त: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव ने आतंक के आकाओं को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय नागरिकों की जान से खिलवाड़ करने का परिणाम कितना गंभीर हो सकता है।
आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई
शाह ने कहा कि जहाँ ऑपरेशन सिंदूर ने लोगों में संतोष पैदा किया, वहीं जुलाई में शुरू किया गया ऑपरेशन महादेव, जिसमें पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों का सफाया किया गया, उस संतोष को आत्मविश्वास में बदल दिया।
उन्होंने कहा,
“सुरक्षा बलों ने दुनिया को दिखा दिया है कि आतंकवादी चाहे कितनी भी रणनीति अपनाएँ, वे अब भारत को नुकसान पहुँचाकर बच नहीं सकते।”
पहलगाम हमला और जवाबी कार्रवाई
- 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे।
- इसके जवाब में मई में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
- इसके बाद जुलाई में ऑपरेशन महादेव शुरू हुआ, जिसमें पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों का सफाया कर दिया गया।
आतंकवादियों की पहचान की पुष्टि
शाह ने बताया कि एनआईए की फोरेंसिक लैब ने यह साबित कर दिया है कि ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकवादी वही थे, जिन्होंने पहलगाम में नरसंहार किया था।
उन्होंने कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरे देश की ओर से, मैं भारतीय नागरिकों के दिलों में सुरक्षा की भावना को मज़बूत करने के लिए सुरक्षा बलों को बधाई देता हूँ।”
सभी दलों का समर्थन
गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के प्रयासों के लिए सभी ने आभार व्यक्त किया है।
सुरक्षा बलों की भूमिका
शाह ने कहा कि सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस अब आतंकवाद के खिलाफ अग्रणी भूमिका निभा रही है।
उन्होंने ज़ोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा में यह विश्वास ही भारत को हर क्षेत्र में विश्व स्तर पर सर्वोच्च स्थान दिलाने का आधार बनेगा।

