हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने जान-माल का भारी नुकसान पहुंचाया है। कांगड़ा और कुल्लू जिलों में बुधवार, 25 जून को बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि सात से दस लोग लापता बताए जा रहे हैं।
धर्मशाला के खनियारा गांव में स्थित एक हाइड्रल पावर प्रोजेक्ट के पास कई मजदूर तेज बहाव में बह गए। इनमें से दो के शव बरामद किए जा चुके हैं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मौके पर प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौजूद हैं और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्रभावितों की सटीक संख्या का अभी अंदाजा नहीं लगाया जा सका है। कांगड़ा के डिप्टी कमिश्नर हेमराज बैरवा ने बताया कि फिलहाल दो शव मिले हैं और हेडकाउंट जारी है। उन्होंने कहा कि “कुछ ही समय में सटीक आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध कराए जाएंगे।”
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घटना पर दुख जताते हुए एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,
“धर्मशाला के एक हाइड्रल प्रोजेक्ट में तेज बहाव के कारण कई मजदूरों के बह जाने की सूचना अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। इस हादसे में अब तक दो शव बरामद किए गए हैं और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन को सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।”
सीएम सुक्खू ने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई और लोगों से भारी बारिश के बीच नदी-नालों और खड्डों के पास न जाने की अपील की है। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा,
“प्रदेश के कई जिलों से जान-माल के नुकसान की दुखद और दिल दहलाने वाली सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं। लोग प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों से बचें और सतर्कता बरतें।”
वहीं, केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा,
“हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला के निकटवर्ती खनियारा की मणुणी खड्ड में अचानक पानी का तेज बहाव बढ़ने से कई श्रमिकों के बहने का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। शोक संतप्त परिजनों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। संकट की इस घड़ी में भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता देवभूमि के नागरिकों की हरसंभव सहायता के लिए समर्पित है।”
कुल्लू की सैंज घाटी में भी बादल फटने की घटना सामने आई है, जिसके बाद मंडी जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। पंडोह डैम से ब्यास नदी में पानी छोड़े जाने की चेतावनी दी गई है और पर्यटकों व स्थानीय लोगों से नदी से दूर रहने की अपील की गई है।
राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक सहायता प्राप्त करने की अपील कर रहे हैं।

