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पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया गिरफ्तार, विजिलेंस की रेड से सियासत में मचा भूचाल!

चंडीगढ़, 25 जून 2025: पंजाब की राजनीति में बुधवार को उस समय भूचाल आ गया, जब पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को अमृतसर स्थित उनके ग्रीन एवेन्यू आवास से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब पुलिस और विजिलेंस के संयुक्त ऑपरेशन का हिस्सा थी, जिसमें राज्य भर में 25 ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिनमें मजीठिया से जुड़े अमृतसर के 9 ठिकाने शामिल थे।

छापेमारी और गिरफ्तारी का विवरण
सुबह करीब 10 बजे विजिलेंस ब्यूरो की एक 15-30 सदस्यीय टीम, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) लखबीर सिंह भी शामिल थे, मजीठिया के घर पहुंची। कई घंटों तक चली तलाशी के दौरान टीम ने घर के हर कोने की गहन जांच की और कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई 2021 के एक ड्रग मामले से जुड़ी है, जिसमें मजीठिया पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत आरोप लगे हैं। इसके अलावा, आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोप भी जांच के दायरे में हैं।

गिरफ्तारी के बाद मजीठिया को मोहाली ले जाया गया। इस दौरान उनके समर्थकों और अकाली दल कार्यकर्ताओं ने उनके आवास के बाहर प्रदर्शन करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिससे मामूली झड़प भी हुई।

मजीठिया का जवाब: ‘सियासी बदले की कार्रवाई’
बिक्रम मजीठिया ने अपनी गिरफ्तारी को भगवंत मान सरकार की ‘प्रतिशोध की राजनीति’ करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, “मैंने पहले ही कहा था कि जब मान सरकार को ड्रग केस में मेरे खिलाफ कुछ नहीं मिला, तो वे नया झूठा केस दर्ज करेंगे। मैं न डरता हूं, न मेरी आवाज दबेगी। पंजाब के मुद्दों पर बोलता रहूंगा, और सत्य की जीत होगी।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजिलेंस ने उनकी पत्नी गनीव कौर और बच्चों को गोल्डन टेंपल जाने से रोका।

सियासी हलचल और विपक्ष का रुख
मजीठिया की गिरफ्तारी ने पंजाब की सियासत में तूफान ला दिया है। अकाली दल ने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने की कोशिश कर रही है। अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल, जिनके मजीठिया साले हैं, ने इस कार्रवाई की निंदा की और इसे ‘लोकतंत्र पर हमला’ बताया।

वहीं, AAP और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे नशे के खिलाफ अभियान का हिस्सा बताया। दिल्ली में AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पंजाब सरकार का यह ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान है। हमने स्वस्थ और नशा-मुक्त पंजाब का संकल्प लिया है, और जनता ने लुधियाना उपचुनाव में इसका समर्थन किया है।”

पृष्ठभूमि और विवाद
बिक्रम सिंह मजीठिया, जो 31 साल की उम्र में प्रकाश सिंह बादल सरकार में सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बने थे, लंबे समय से पंजाब की राजनीति में चर्चित चेहरा रहे हैं। 2013 से ड्रग्स और भ्रष्टाचार के आरोपों से उनका नाम जुड़ा हुआ है। कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने भी उन पर ड्रग रैकेट और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। हाल ही में, मजीठिया ने AAP के स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह की कथित आपत्तिजनक तस्वीरें शेयर कर विवाद खड़ा किया था, जिसे उन्होंने ‘सेल्फी कांड’ करार दिया।

क्या होगा सियासी असर?
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब पंजाब में हाल ही में लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट पर उपचुनाव में AAP को जीत मिली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई AAP की नशा-विरोधी छवि को मजबूत कर सकती है, लेकिन अकाली दल इसे ‘विपक्ष को कुचलने’ की रणनीति के रूप में प्रचारित कर मतदाताओं की सहानुभूति बटोर सकता है।

फिलहाल, विजिलेंस और पंजाब पुलिस ने इस मामले में आधिकारिक बयान देने से परहेज किया है। मजीठिया की गिरफ्तारी से पंजाब की सियासत में आने वाले दिन और गर्म होने की संभावना है।

Rishik Dwivedi
Rishik Dwivedi
Founder Member & Sub- Editor of NTF
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