नई दिल्ली:
IPL 2025 में जैसे-जैसे स्कोरबोर्ड पर रनों की बरसात हो रही है, वैसे-वैसे गेंदबाज़ों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। दक्षिण अफ़्रीका के स्टार पेसर कागिसो रबाडा ने टूर्नामेंट की शुरुआत में ही इस असंतुलन की ओर इशारा करते हुए कहा था:
“अगर टीमें 20 ओवर में 300 रन बनाने लगेंगी, तो इसे क्रिकेट नहीं, सिर्फ ‘बल्लेबाज़ी’ कहना ज़्यादा ठीक होगा।”
उनकी इस चिंता की गूंज अब कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों की राय में भी सुनाई दे रही है। एक ओर जहां चौकों-छक्कों की बारिश दर्शकों को रोमांचित कर रही है, वहीं दूसरी ओर गेंदबाज़ बेबस दिख रहे हैं।
क्या T20 क्रिकेट में अब संतुलन की ज़रूरत है? या फिर यह खेल अब पूरी तरह मनोरंजन का मैदान बन चुका है?

