सोमवार का सूरज एशियाई शेयर बाज़ारों के लिए जैसे काली घटा लेकर आया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दो अप्रैल को भारत सहित तमाम देशों से अमेरिका आने वाले उत्पादों पर आयात शुल्क लगाने की घोषणा ने वैश्विक निवेश माहौल को झकझोर कर रख दिया।
इस टैरिफ़ नीति का असर सिर्फ़ अमेरिका तक सीमित नहीं रहा — एशिया के लगभग हर बड़े शेयर बाज़ार ने भारी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। भारत, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और चीन — सभी प्रमुख बाज़ार लाल निशान में डूब गए।
ट्रंप का बयान और बाज़ार की बेचैनी
डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही यह कहा हो, “मैं किसी चीज़ में गिरावट नहीं चाहता, लेकिन कभी-कभी चीज़ें ठीक करने के लिए दवाई लेनी पड़ती है,” लेकिन बाज़ारों को यह ‘दवाई’ कुछ ज़्यादा ही कड़वी लग रही है।
एशियाई बाज़ारों में गिरावट की तस्वीर:
- भारत: सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने लगभग 3% की गिरावट के साथ कारोबार किया। बड़े कॉर्पोरेट समूहों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी गई।
- जापान: निक्केई 225 सूचकांक में 2.8% की गिरावट आई।
- हांगकांग: हैंगसेंग इंडेक्स करीब 3.2% लुढ़क गया।
- चीन: शंघाई कंपोजिट इंडेक्स में 2.5% की गिरावट दर्ज हुई।
- दक्षिण कोरिया: कोस्पी इंडेक्स भी लगभग 2.7% नीचे आया।
निवेशकों में बढ़ती चिंता
निवेशकों को डर सता रहा है कि अमेरिका और अन्य देशों के बीच यह टैरिफ़ टकराव कहीं एक व्यापक ट्रेड वॉर का रूप न ले ले। इससे वैश्विक व्यापार धीमा पड़ सकता है और आर्थिक अस्थिरता और बढ़ सकती है।

