सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों में बिकवाली की ऐसी सुनामी आई कि बड़े-बड़े दिग्गज समूह भी इसकी चपेट में आ गए। अदानी, अंबानी और टाटा जैसे नामचीन कॉर्पोरेट हाउसों की कंपनियों के शेयर धराशायी हो गए और पूरा बाजार लाल निशान में डूब गया।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी करीब 3.25% फिसल गया, जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स लगभग 3% की गिरावट के साथ बंद हुआ। निवेशकों के अरबों रुपये इस गिरावट में स्वाहा हो गए।
इस ज़बरदस्त गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और अन्य देशों के बीच बढ़ता व्यापारिक तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह संकेत दिया है कि अमेरिका अब उन देशों पर ‘रेसिप्रोकल टैरिफ़’ लगाएगा जो अमेरिकी वस्तुओं के आयात पर शुल्क लगाते हैं। उनके इस ऐलान के बाद चीन सहित कई देशों ने भी अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ़ थोपने की बात कह दी है।
यह पूरा घटनाक्रम अब ‘टैरिफ़ वॉर’ यानी व्यापार युद्ध का रूप लेता दिख रहा है। वैश्विक निवेशकों में डर का माहौल है, क्योंकि उन्हें आशंका है कि यदि यह संघर्ष और गहराया तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ शेयर बाजारों पर भी गंभीर हो सकता है। भारत भी इस तूफ़ान से अछूता नहीं रह सका।

