कांग्रेस नेता मल्लू रवि ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए संसद के मौजूदा सत्र को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस और INDIA गठबंधन की अन्य पार्टियों को अडानी समूह से जुड़े मुद्दों पर बोलने का कोई मौका नहीं दिया। रवि ने यह बयान संसद के हालिया घटनाक्रम पर अपनी असहमति जताते हुए दिया।
मल्लू रवि ने कहा, “इस सत्र में हमने देखा कि संसद में दो दिन तक सिर्फ संविधान और उसकी वैधता पर चर्चा की गई। यह चर्चा महत्वपूर्ण थी, लेकिन इसके साथ ही देश के अन्य अहम मुद्दों पर भी विचार किया जाना चाहिए था। विपक्ष को अपनी बात रखने और जनता के सवालों को उठाने का अवसर मिलना चाहिए। दुर्भाग्य से, ऐसा नहीं हुआ।”
कांग्रेस नेता ने सरकार की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद में विपक्षी दलों को बड़े मुद्दों पर चर्चा से रोका गया। उन्होंने कहा कि अडानी समूह को लेकर उठे सवाल और हालिया विवाद देश के लिए गंभीर महत्व रखते हैं। “अडानी से जुड़े मुद्दे सिर्फ एक व्यक्ति या कंपनी तक सीमित नहीं हैं। यह सवाल देश की आर्थिक नीतियों, पारदर्शिता और जवाबदेही का है। लेकिन जब संसद में इस पर चर्चा की मांग की गई, तो सरकार ने इसे दरकिनार कर दिया। यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है,” उन्होंने कहा।
रवि ने कहा कि संसद का काम जनता की आवाज बनना है। यहां हर मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए, चाहे वह सरकार के पक्ष में हो या विपक्ष में। “संसद में लोकतंत्र का सम्मान होना चाहिए। हर पार्टी को अपनी बात रखने का हक है। यह सिर्फ संविधान की चर्चा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि देश के हर मुद्दे पर खुलकर बहस होनी चाहिए। लेकिन मोदी सरकार ने विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की है,” उन्होंने कहा।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार संवेदनशील मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए रणनीति बना रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को कमजोर करने और उनके मुद्दों को दबाने का यह प्रयास जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही को खत्म करता है। “यह सिर्फ विपक्ष का नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक का मामला है। जब संसद में विपक्ष की आवाज दबाई जाती है, तो यह जनता की आवाज को दबाने के समान है,” उन्होंने जोड़ा।
संसद के मौजूदा सत्र में संविधान पर चर्चा के नाम पर कई महत्वपूर्ण मुद्दों को टालने की कोशिशों का आरोप लगाते हुए मल्लू रवि ने कहा कि यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद को ऐसा मंच होना चाहिए, जहां हर मुद्दे पर खुलकर चर्चा हो और जनता के सवालों के जवाब दिए जाएं।
रवि का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों पर टकराव देखा जा रहा है। विपक्ष बार-बार अडानी समूह को लेकर सरकार पर हमलावर रहा है। उनका आरोप है कि सरकार ने अडानी समूह के विवादास्पद मामलों को लेकर चुप्पी साध रखी है।
अंत में रवि ने कहा, “यह देश के भविष्य का सवाल है। हमें संसद में हर मुद्दे पर चर्चा की अनुमति मिलनी चाहिए। लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब हर पक्ष की बात सुनी जाए और जनता को जवाबदेही दी जाए।”

