बस्ती, 10 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में आज जिला सहकारी गन्ना समिति के चुनाव का पर्चा दाखिला प्रक्रिया ने सियासी सरगर्मी को और तेज कर दिया है। इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने छह सीटों पर अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, वहीं मुंडेरवा की सीट पर सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) और संयुक्त किसान मोर्चा ने भाजपा के खिलाफ चुनावी ताल ठोक दी है, जिससे मुंडेरवा सीट पर दिलचस्प मुकाबले की उम्मीद की जा रही है।

मुंडेरवा: BJP बनाम BKU, कांटे की टक्कर
मुंडेरवा में भाजपा ने सुरेंद्र पाठक को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि भारतीय किसान यूनियन ने दीवान चंद पटेल को मैदान में उतारकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया है। दिलचस्प बात यह है कि जहां भाजपा के खेमे में पर्चा दाखिल के समय तक कुर्सियां खाली पड़ी थीं, वहीं BKU और सहयोगी दलों के समर्थक बड़ी संख्या में दीवान चंद पटेल के समर्थन में जुटे। BKU ने अपनी एकजुटता और मजबूती का प्रदर्शन करते हुए भाजपा को कड़ी चुनौती दी है।

लोकतंत्र पर खतरे का आरोप
BKU के नेता दीवान चंद पटेल ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र की हत्या करने पर आमादा है और चुनावी प्रक्रिया में धांधली करवा सकती है। दीवान चंद पटेल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन के दबाव में किसी प्रकार की धांधली होती है, तो किसान यूनियन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी और इसके गंभीर परिणाम जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार को भुगतने होंगे।

सियासी नेताओं का समर्थन, BKU का हौसला बुलंद
BKU के समर्थन में कई बड़े सियासी चेहरे भी नजर आए, जिनमें CPI(M) नेता कामरेड के.के., कामरेड अशर्फी लाल, समाजवादी पार्टी के नेता दयाशंकर मिश्रा, कांग्रेस जिला अध्यक्ष ज्ञानेंद्र पाण्डेय ज्ञानू और कांग्रेस नेता आलोक रंजन प्रमुख थे। इसके अलावा भारतीय किसान यूनियन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, जनपद और प्रखंड स्तर के नेता भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस सशक्त समर्थन से BKU के खेमे में उत्साह और बढ़ गया है।

निर्विरोध चुनाव की संभावना, मुंडेरवा में बढ़ी सियासी गर्मी
बस्ती की अन्य पांच सीटों पर निर्विरोध चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन मुंडेरवा की सीट पर BJP और BKU के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन ने भाजपा को कड़ी चुनौती देते हुए चुनावी समीकरण को रोचक बना दिया है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या BKU की यह चुनौती भाजपा के गढ़ को हिला पाती है, या फिर भाजपा अपनी पकड़ को बरकरार रखने में सफल रहती है। चुनाव के नतीजे चाहे जो हों, मुंडेरवा की इस सीट पर सियासी हलचल ने पूरे जिले का ध्यान खींच लिया है।
आगे की तस्वीर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता पर टिकी है।

