बुधवार को दिल्ली एनसीआर में भारी बारिश हुई, जिसका असर हाल ही में बनकर तैयार हुई नई संसद भवन पर भी देखने को मिला। बारिश के कारण संसद भवन की छत से पानी टपकते हुए देखा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे सरकार की किरकिरी हो रही है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस पार्टी ने भी सरकार पर निशाना साधा है।
अखिलेश यादव का तंज: “पुरानी संसद बेहतर थी”
अखिलेश यादव ने संसद भवन की छत से पानी टपकने की घटना का वीडियो शेयर करते हुए सरकार पर कटाक्ष किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “इस नई संसद से अच्छी तो वो पुरानी संसद थी, जहाँ पुराने सांसद भी आकर मिल सकते थे। क्यों न फिर से पुरानी संसद चलें, कम-से-कम तब तक के लिए, जब तक अरबों रुपयों से बनी संसद में पानी टपकने का कार्यक्रम चल रहा है। जनता पूछ रही है कि भाजपा सरकार में बनी हर नई छत से पानी टपकना, उनकी सोच-समझकर बनायी गयी डिज़ाइन का हिस्सा होता है या फिर…”
अखिलेश यादव के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और यह सवाल उठाया जा रहा है कि नई संसद भवन की गुणवत्ता पर कितनी गंभीरता से ध्यान दिया गया था।
कांग्रेस का हमला: राज्यसभा में उठेगा मुद्दा
कांग्रेस पार्टी ने भी नई संसद भवन में बारिश के कारण छत से पानी टपकने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि वह संसद भवन में जल भराव एवं छत से पानी टपकने का मुद्दा राज्यसभा में उठाएंगे। तिवारी ने कहा, “यह बहुत ही शर्मनाक है कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद भी नई संसद भवन की यह स्थिति है। हम इस मामले को संसद में उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे।”
नई संसद भवन की गुणवत्ता पर सवाल
नई संसद भवन को हाल ही में उद्घाटन किया गया था और इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस बताया गया था। लेकिन बारिश के कारण छत से पानी टपकने की घटना ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हैं और इसे भ्रष्टाचार एवं लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं।
इस घटना ने सरकार को भी असहज स्थिति में डाल दिया है और नई संसद भवन की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। जनता और राजनीतिक दल अब सरकार से इस मामले में स्पष्टीकरण और सुधार की मांग कर रहे हैं।
नई संसद भवन में पानी टपकने की घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

