बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय हरका मानशाही में उमस और गर्मी के कारण एक ही स्कूल के 30 बच्चे और दो शिक्षक बेहोश हो गए। यह घटना उस समय हुई जब बच्चे प्रार्थना सभा के बाद कक्षा में गए और कक्षाओं में पंखा न होने के कारण अधिक गर्मी से प्रभावित हो गए।
अभिभावकों का आक्रोश
बेहोश बच्चों को मीनापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावक भी अस्पताल पहुंचे और स्कूल में पंखा न होने के कारण आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों ने बताया कि अधिक गर्मी के कारण बच्चे कक्षाओं में पंखा न होने का विरोध कर रहे थे, इसी दौरान बच्चे एक-एक कर बेहोश होकर गिरने लगे।
बच्चों पर पिटाई का आरोप
कुछ बच्चों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पंखा न होने का विरोध किया तो शिक्षकों ने उनकी पिटाई कर दी, जिससे उनकी स्थिति और भी खराब हो गई। आठवीं कक्षा की छात्रा प्रिया कुमारी ने बताया कि कक्षा में 110 से ज्यादा बच्चे थे और गर्मी के कारण कुछ बच्चों ने विरोध किया तो शिक्षक ने पिटाई कर दी, जिससे बच्चे बेहोश होने लगे।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
अस्पताल प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण ढाई दर्जन से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। 30 छात्र और दो शिक्षक को बेहोशी की हालत में लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया है। बीडीओ संजय कुमार सिन्हा ने सीएचसी पहुंचकर बच्चों का हाल जाना और स्कूल की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि किसी भी कक्षा में पंखा नहीं लगा था, जबकि मिड-डे मील के सामान के लिए बने गोदाम में पंखा था।

प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
बीडीओ ने एचएम और स्कूल प्रशासन की कमी को जिम्मेदार ठहराया और जिला शिक्षा पदाधिकारी से घटना की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि एक क्लास में 100 से ज्यादा बच्चे होने से सभी की तबीयत बिगड़ी है और स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण यह घटना घटी है।
मुजफ्फरपुर के इस स्कूल में उमस और गर्मी से बच्चों और शिक्षकों की बेहोशी की घटना ने प्रशासनिक लापरवाही और स्कूल की अव्यवस्था को उजागर किया है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति स्कूल प्रशासन की लापरवाही को देखते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है। यह घटना एक गंभीर संकेत है कि शैक्षणिक संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

