दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में भारी बारिश के कारण पानी भर जाने से कई छात्र फंस गए। इस दर्दनाक घटना में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। लापता छात्रों की तलाश जारी है।
मंत्री आतिशी का बयान और छात्रों की प्रतिक्रिया
दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। आतिशी ने अपने पोस्ट में लिखा, “दिल्ली में शाम को हुई भारी बारिश के कारण एक दुर्घटना की खबर है। राजेंद्र नगर में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के बेसमेंट में पानी भरने की खबर है। दिल्ली फायर विभाग और NDRF मौके पर है। दिल्ली की मेयर और स्थानीय विधायक भी वहाँ पर हैं। मैं हर मिनट घटना की खबर ले रहीं हूं। ये घटना कैसे घटी, इसकी मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इस घटना के लिए जो भी ज़िम्मेदार है, उसको बख्सा नहीं जाएगा।”
इस बयान के बाद छात्रों में नाराजगी है। एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा, “जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। हम चाहते हैं कि सरकार से कोई यहां आए और उन सभी छात्रों की जिम्मेदारी ले, जिन्होंने अपनी जान गंवाई है। वे अपने एसी कमरों से ट्वीट करके या पत्र लिखकर किसका भविष्य सुधार रहे हैं? जब ये लोग वोट मांगने आते हैं तो घर तक आते हैं और जब कोई त्रासदी होती है तो अपने घर पर बैठकर लेटर लिखते हैं।”
घटना का विश्लेषण
जांच में पता चला है कि बेसमेंट में एक लाइब्रेरी थी, जहां आमतौर पर 30 से 35 बच्चे होते थे। अचानक से बेसमेंट में पानी तेजी से भरने लगा, जिससे छात्र बेच के ऊपर खड़े हो गए। पानी के दबाव से बेसमेंट में लगे कांच फटने लगे। बच्चों को रस्सियों के सहारे बाहर निकाला गया। शाम सात बजे लाइब्रेरी बंद हो जाती है और हादसा भी इसी समय हुआ।

मृतकों की पहचान
इस हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान हो चुकी है:
- तानिया सोनी: उम्र 25 साल, पिता का नाम विजय कुमार
- श्रेया यादव: उम्र 25 साल, पिता का नाम राजेंद्र यादव
- नेविन डालविन: उम्र 28 साल, केरल
श्रेया यादव ने जून/जुलाई 2024 में ही इस कोचिंग सेंटर में एडमिशन लिया था। वह उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर के बरसावां हाशिमपुर, अकबरपुर की रहने वाली थी।
इस घटना ने प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों की सुरक्षा और उनकी जिम्मेदारी लेना सरकार का कर्तव्य है। मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए जाने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि किस तरह से इस त्रासदी के कारणों का पता चलता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

