मथुरा, उत्तर प्रदेश—श्रीकृष्ण जन्मस्थान की सुरक्षा में तैनात प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 15वीं बटालियन के एक जवान ने सोमवार रात अपने बैरक में आत्महत्या कर ली। यह घटना जिले के हाईवे थानाक्षेत्र स्थित पीएसी बैरक में हुई, जहां 25 वर्षीय सुधीर मलिक ने सरकारी राइफल से खुद को गोली मार ली। इस घटना ने पुलिस और सुरक्षा बलों के बीच चिंता बढ़ा दी है, खासकर जब यह घटना उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में हुई है।
घटना का विवरण
पुलिस अधीक्षक (नगर) अरविंद कुमार के अनुसार, सोमवार रात पीएसी के प्लाटून कमांडर ने सूचना दी कि सुधीर मलिक ने आत्महत्या कर ली है। इस खबर से उनके सहकर्मियों और परिवार वालों में शोक की लहर दौड़ गई। सुधीर मलिक मूल रूप से गौतमबुद्ध नगर के निवासी थे।
प्रारंभिक जांच और पोस्टमॉर्टम
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर सुधीर मलिक के शव को कब्जे में लिया और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह एक साधारण आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों द्वारा कोई तहरीर दिए जाने के बाद अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
संभावित कारणों की जांच
फिलहाल पुलिस ने इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सुधीर मलिक ने यह कदम क्यों उठाया, इसके पीछे की वजहों की जांच की जा रही है। उनके सहकर्मियों और मित्रों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव या अन्य कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने यह भी कहा कि अगर परिवार या मित्रों से किसी प्रकार की जानकारी मिलती है, तो उसे ध्यान में रखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा।
परिवार का शोक और समर्थन
सुधीर मलिक के परिवार में शोक की लहर है। उनके परिजनों का कहना है कि सुधीर ने इस तरह का कदम क्यों उठाया, यह उनके लिए एक पहेली है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि घटना की पूरी जांच की जाए और अगर कोई अन्य कारण हो, तो उसे उजागर किया जाए।
सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
इस घटना ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पीएसी और पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की है। उन्होंने सुनिश्चित किया है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

