लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हरित आवरण को बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार के तमाम प्रयासों के तहत शनिवार को प्रदेश भर में करीब 36.46 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में पौधारोपण करके इस महाअभियान की शुरुआत की।
कुकरैल नदी को पुनर्जीवित करने का प्रयास
अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि कुकरैल नदी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से अनधिकृत कब्जों से खाली कराए गए राजधानी लखनऊ के अकबरनगर क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पौधारोपण किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ जन अभियान-2024’ की शुरुआत की। इस अभियान के तहत पौधे सुरक्षित रहें, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे और रोपाई वाली जगहों की जियो टैगिंग भी की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ आह्वान पर शुरू हुए इस जन अभियान के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में लोगों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ से लगाने की अपील की थी। उन्होंने कहा, “प्रदेशवासी, वन महोत्सव के साथ-साथ पौधरोपण महाअभियान का हिस्सा बनकर पर्यावरण की चुनौती का सामना करने के लिए आगे आएंगे।” मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से इस अभियान का हिस्सा बनकर अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाने की अपील की।
सात साल में 168 करोड़ पौधे रोपे गए
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले सात साल में राज्य में 168 करोड़ से ज्यादा पौधे रोपे जा चुके हैं। सस्टेनेबल फॉरेस्ट इनीशिएटिव (एसएफआई) की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 1.98 लाख एकड़ जमीन पर हरियाली में बढ़ोतरी हुई है। आगरा के प्रभागीय वन अधिकारी आदर्श कुमार ने बताया कि आगरा जिले में 54 लाख पौधे रोपित किए जाने का लक्ष्य मिला है।
हरित क्षेत्र बढ़ाने की योजना
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के कुल हरित इलाके को 2021-22 के 9.23 प्रतिशत से बढ़ाकर 2026-27 तक 15 प्रतिशत तक ले जाया जाए। इसके लिए 175 करोड़ पौधे लगाकर उनकी देखभाल करनी होगी।
दो चरणों में चलाया जाएगा अभियान
प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी ने बताया कि यह अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। पहले चरण में पौधारोपण किया जाएगा और दूसरे चरण में, जो एक अक्टूबर से शुरू होगा, पौधों की निगरानी और देखभाल की जाएगी।
किसान और संस्थाएं भी होंगी शामिल
मुख्यमंत्री ने पीएम सम्मान निधि पाने वाले 2.62 करोड़ किसानों को भी पौधे रोपने की मुहिम से जोड़ने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के किनारे फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे। गंगा, यमुना, हिंडन समेत अन्य नदियों के किनारे भी पौधे रोपे जाएंगे। निजी संगठनों, धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं को भी इस मुहिम में शामिल किया जाएगा। पीएम आवास योजना वाले इलाकों में भी हरियाली बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में हरित आवरण को बढ़ाने के इस महाअभियान से न केवल पर्यावरण में सुधार होगा, बल्कि राज्य के लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

