अमहट, उत्तर प्रदेश – एक महत्वपूर्ण मामला प्रकाश में आया है जिसमें अमहट उत्तर तरफ शिव मंदिर के सामने स्थित एक धर्मशाला को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस धर्मशाला का निर्माण स्वर्गीय एडवोकेट धर्मनाथ श्रीवास्तव और पंडित रामराज शुक्ला एडवोकेट द्वारा कराया गया था, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालु यहाँ रात्रि विश्राम कर सकें और भंडारा का आयोजन हो सके।जानकारी के अनुसार, पिछले 20 वर्षों से राजेश उपाध्याय और उनके पिता स्वर्गीय रामचंदर के परिवार ने इस धर्मशाला पर अवैध कब्जा कर रखा है। गोपाल उपाध्याय और उनका परिवार, जिसमें उनकी पत्नी, बच्चे, और नातिन शामिल हैं, इस धर्मशाला में अपनी पूरी गृहस्थी बसाकर रह रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने यहाँ ए.सी. लगवाए हैं और बिजली व पानी का दुरुपयोग कर रहे हैं। ध्यान देने योग्य है कि आगामी 22 जनवरी 2024 से सावन मेला शुरू हो रहा है, जिसमें कावड़ियों के रहने के लिए इस धर्मशाला को खाली करवाना अत्यंत आवश्यक और न्यायसंगत है।जनहित को ध्यान में रखते हुए, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोपाल उपाध्याय और उनके परिवार को अवैध कब्जे से हटाकर धर्मशाला को मुक्त किया जाए और उनके खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज की जाए। इससे कावड़ियों को उनके धार्मिक यात्रा के दौरान ठहरने के लिए उचित स्थान मिल सकेगा। यह मामला अब प्रशासन के संज्ञान में है, और जल्द ही इस पर उचित कार्यवाही की उम्मीद है।
अवैध कब्जे से धर्मशाला को मुक्त कराने की माँग, जगदीश सिंह ने जिला मंडलायुक्त को दिया प्रार्थना पत्र
अमहट उत्तर तरफ शिव मंदिर के सामने स्थित एक धर्मशाला को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की जा रही है।
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