दिल्ली में नए आपराधिक कानून के तहत पहला मामला दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत कमला मार्केट में सार्वजनिक जगहों पर सामान बेचने वाले एक युवक के खिलाफ धारा 285 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी पर आरोप है कि उसने दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अवरोध उत्पन्न करते हुए सामान बेचा।
देश में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानून
देश में 1 जुलाई 2024 से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं। पुलिसकर्मियों और वकीलों के लिए इन नए कानूनों को याद रखना और उन्हें सही तरीके से लागू करना एक चुनौती है। इसीलिए प्रशासन पुलिसकर्मियों के लिए लगातार मीटिंग और ट्रेनिंग आयोजित कर रहा है, ताकि उन्हें नए कानूनों की जानकारी दी जा सके और उन्हें लागू करने के लिए तैयार किया जा सके। साथ ही, आम जनता को भी इन कानूनों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
ट्रेनिंग की शुरुआत
स्पेशल सीपी, ट्रेनिंग, छाया शर्मा ने 1 जुलाई 2024 से लागू होने वाले तीन आपराधिक कानूनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम आज से लागू हो गए हैं। इन कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग 5 फरवरी से शुरू की गई थी।
पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग और नई धाराएं
ट्रेनिंग के दौरान एक बुकलेट तैयार की गई, जिससे पुलिसकर्मियों को नए कानूनों के बारे में आसानी से जानकारी मिल सके। यह बुकलेट 4 भागों में विभाजित है और इसमें IPC से लेकर BNS तक की धाराएं शामिल हैं। नई धाराएं, जो अब 7 साल की सजा के अंतर्गत आती हैं, भी इसमें शामिल की गई हैं। रोजमर्रा की पुलिसिंग के लिए आवश्यक धाराओं की तालिका भी इसमें दी गई है।
डिजिटल साक्ष्य पर जोर
नए कानूनों के तहत पहली बार डिजिटल साक्ष्य पर विशेष जोर दिया गया है। साक्ष्य को डिजिटल रूप में दर्ज किया जाएगा और फोरेंसिक विशेषज्ञों की भूमिका को बढ़ाया गया है। यह बदलाव पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ ‘दंड’ से ‘न्याय’ की ओर बढ़ने का संकेत है।
इस प्रकार, दिल्ली में नए आपराधिक कानूनों के तहत पहला मामला दर्ज हो चुका है और प्रशासन इन्हें सही तरीके से लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

