नीट पेपर लीक मामले में नये-नये खुलासे हो रहे हैं और इस साजिश के तार बिहार और झारखंड से गहराई से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने झारखंड के देवघर से पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है और इस मामले की जांच अब और तेजी से की जा रही है। वहीं, पुलिस सेटर अमित आनंद के ननिहाल तक पहुंच चुकी है। जानें अबतक की जानकारी-

देवघर से हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने झारखंड के देवघर से इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों से पूछताछ की जा रही है और संभावना है कि इनके बयान से कई महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

बिहार से कनेक्शन

नीट पेपर लीक मामले के तार बिहार से भी गहराई से जुड़े हैं। पटना में बरामद जले हुए प्रश्नपत्र की बुकलेट से पता चला कि हजारीबाग के एक सेंटर से सबसे पहले पेपर लीक हुआ था। मामले के एक आरोपी सिकंदर यादवेंद्र ने स्वीकार किया कि उसने 30-32 लाख रुपए में अमित आनंद और नीतीश कुमार से पेपर खरीदा था। इसके बाद उसने यह पेपर समस्तीपुर के अनुराग यादव, दानापुर पटना के आयुष कुमार, गया के शिवनंदन कुमार और रांची के अभिषेक कुमार को 40-40 लाख रुपए में बेचा।

पटना में पेपर रटवाने की घटना

पटना के रामकृष्णा नगर में नीट परीक्षा से एक रात पहले, 4 मई को, इन चारों अभियर्थियों को रातभर पेपर रटवाया गया। यह जानकारी पुलिस ने जांच के दौरान इकट्ठी की है।

संजीव मुखिया की तलाश

इस मामले में पुलिस संजीव मुखिया उर्फ लूटन की भी तलाश कर रही है, जो नीट परीक्षा के बाद से फरार है। संजीव मुखिया का बेटा शिव कुमार पहले से ही बीपीएससी पेपर लीक मामले में जेल में बंद है। संजीव मुखिया पहले भी जेल जा चुका है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here