‘अगर किसी का नाम आ रहा है, तो पूछताछ करनी चाहिए’, NEET पेपर लीक पर बोले तेजस्वी
बिहार में नीट पेपर लीक मामले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रदेश में सरकार उनकी है, केंद्र में सरकार उनकी है, जांच एजेंसी भी उनकी है, तो फिर क्या समस्या है? अगर किसी का नाम आ रहा है, तो उसे बुलाकर पूछताछ करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं खुद कह रहा हूं कि मुख्यमंत्री उससे पूछताछ कर लें। पेपर लीक मामले में मेरे पीएस का नाम घसीटने से कुछ नहीं होगा।”
मुख्य मुद्दे से भटकाने की कोशिश
तेजस्वी यादव ने उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा को अज्ञानी बताते हुए कहा कि उन्हें जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। “हम लोग तो इस मामले के खिलाफ मई से आवाज उठा रहे हैं। असल मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। किंगपिन कौन है, यह आज नहीं तो कल सबको पता चल जाएगा। किसी का नाम घसीटने से कोई फायदा नहीं होगा। उन्हें यह बताना चाहिए कि अमित आनंद और नीतीश कुमार कौन हैं। आखिर यही तो किंगपिन हैं। उन्हें क्यों बचाया जा रहा है?”
शिक्षक बहाली परीक्षा पर भी सवाल
तेजस्वी यादव ने बीपीएससी की तीसरे चरण की शिक्षक नियुक्ति परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, “बीपीएससी की परीक्षा का प्रश्नपत्र भी लीक हुआ था और पकड़े गए लोग जमानत पर बाहर घूम रहे हैं।” इससे पहले, गुरुवार को उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा था कि पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी सिकंदर यादवेंदु का संबंध तेजस्वी यादव के आप्त सचिव प्रीतम कुमार से है।
तेजस्वी के पीएस का नाम
दरअसल, नीट पेपर लीक मामले में तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम कुमार का नाम सामने आ रहा है। आरोप है कि सिकंदर यादवेंदु ने प्रीतम कुमार के माध्यम से सरकारी गेस्ट हाउस का कमरा बुक कराया था, जहां अनुराग यादव, शिवनंदन कुमार, अभिषेक कुमार और पीयूष राज को 5 मई की परीक्षा से ठीक एक दिन पहले 4 मई को परीक्षा से जुड़े सवाल दिए गए थे। इन लोगों ने पुलिस को दिए अपने बयान में यह स्वीकार किया है कि परीक्षा में वही सवाल पूछे गए थे जो उन्होंने रटे थे।
इस प्रकार, तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि किसी का नाम घसीटने से कोई फायदा नहीं होगा और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और असल मुद्दे से ध्यान नहीं भटकाना चाहिए।

