प्रयागराज, 18 मार्च 2026।
छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की इलाहाबाद जिला कमेटी ने बुधवार को यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लागू कराने की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। संगठन के कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा संस्थानों में बढ़ते भेदभाव के मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
इस अवसर पर SFI उत्तर प्रदेश के राज्य अध्यक्ष पार्थ द्विवेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा’ रेगुलेशन 2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे से स्थिति और जटिल हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों में जातिगत भेदभाव के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में ऐसे मामलों में 118 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो शिक्षा व्यवस्था की चिंताजनक तस्वीर पेश करता है।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित यूजीसी विनियम जातीय, लैंगिक, धार्मिक, दिव्यांगता और आर्थिक आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था, लेकिन इसके लागू न होने से छात्रों को राहत नहीं मिल पा रही है।
जिला सचिव आशीष गौर ने कहा कि संगठन यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 का समर्थन करता है, लेकिन इसे और प्रभावी बनाते हुए ‘रोहित एक्ट’ के रूप में लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि भेदभाव से जुड़े अपराधों जैसे सामाजिक बहिष्कार, अलगाव और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी घटनाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित कर इनके लिए सख्त कानूनी प्रावधान किए जाएं।
उन्होंने आगे कहा कि दोषी व्यक्तियों पर भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और लापरवाह प्रशासनिक अधिकारियों को भी जवाबदेह बनाया जाए। साथ ही देशपांडे समिति की सिफारिशों के अनुसार संस्थानों पर सबूत का भार डालने तथा स्वतः जांच अधिकारों से युक्त एक राष्ट्रीय निगरानी आयोग के गठन की भी मांग की गई।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि संसद के 2026 बजट सत्र में सरकार द्वारा यह स्वीकार किया गया कि अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और गैर-अधिसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए निर्धारित छात्रवृत्ति बजट का पूरा उपयोग नहीं हो पाया। इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए SFI ने मांग की कि छात्रवृत्ति फंड का पूर्ण और न्यायसंगत उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ईशु मौर्य, शिखा, मनीष सिंह, रिया, विकास स्वरूप, सुमित समेत कई छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

