शिमला, 7 मार्च।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की हिमाचल प्रदेश इकाई ने राज्य सरकार की ‘हिम बस कार्ड’ योजना को लेकर कड़ा विरोध जताया है। समिति की जिला शिमला इकाई ने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं से अतिरिक्त शुल्क लेकर उनका आर्थिक शोषण कर रही है और इस व्यवस्था को तत्काल बंद किया जाना चाहिए।
समिति की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार ने पूरे हिमाचल प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों को ‘हिम बस कार्ड’ बनवाने के आदेश दिए हैं। इस कार्ड के लिए 236 रुपये आवेदन शुल्क लिया जा रहा है, जबकि साइबर कैफे के माध्यम से कार्ड बनवाने पर लगभग 50 रुपये अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। इस प्रकार एक कार्ड बनवाने में करीब 286 रुपये तक का खर्च आ रहा है। समिति का आरोप है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाओं से करोड़ों रुपये एकत्र किए जा रहे हैं।

महिला समिति ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के लगभग 435 बस रूट निजी बस संचालकों को दे दिए हैं। इससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है और महिलाओं सहित आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समिति के अनुसार प्रदेश में चलने वाली कई सरकारी बसें भी खराब स्थिति में हैं, जो अक्सर रास्ते में ही खड़ी हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा होती है।
समिति ने मांग की है कि हिमाचल प्रदेश में ‘हिम बस कार्ड’ बनवाने की अनिवार्यता तुरंत समाप्त की जाए और पहले की तरह महिलाओं को बिना किसी कार्ड के 50 प्रतिशत किराये की सुविधा जारी रखी जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो पूरे प्रदेश में महिलाओं को संगठित कर व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। समिति ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार महिलाओं के हित में इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करती।

