बस्ती। जनपद के मेहनौना में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन का कार्यक्रम अत्यंत भक्तिमय और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कथा का मुख्य केंद्र भगवान श्रीकृष्ण के कारागार में दिव्य अवतरण, वासुदेव जी द्वारा उन्हें यमुना पार कर गोकुल पहुंचाने तथा नंद बाबा के घर नंदोत्सव मनाए जाने का भावपूर्ण प्रसंग रहा।

कथावाचक आचार्य डॉ. महेश दास जी महाराज ने भगवान के जन्म का जैसे ही वर्णन किया, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और वातावरण भक्ति एवं आनंद से सराबोर हो गया। वासुदेव द्वारा शिशु कृष्ण को टोकरी में रखकर यमुना पार कराने का प्रसंग सुनाते समय श्रद्धालु भावुक हो उठे।

चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भी मार्मिक चित्रण किया गया। पूतना वध प्रसंग के माध्यम से बताया गया कि भगवान शत्रु का भी उद्धार कर देते हैं। इसके साथ ही वामन अवतार का उल्लेख करते हुए राजा बलि के अहंकार हरण की कथा सुनाई गई। भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और उनकी रक्षा हेतु भगवान के नरसिंह अवतार का ओजपूर्ण वर्णन किया गया।
महाराज ने संदेश दिया कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतरित होते हैं।
संगीत टीम में सियाराम दास जी, राधेश्वर सरण, सीताराम सरण, संतोष सरण, श्रीकांत सरण, विनोद दास, लक्ष्मण दास, राकेश दास व राणा दास ने मधुर भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही। आयोजन समिति के अनुसार कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर आयोजित की जा रही है।

