बस्ती। राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा ने सोमवार को पीएमसी हॉस्पिटल के सामने स्थित होटल साकेत इन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर 9 फरवरी को प्रस्तावित जनआक्रोश आंदोलन की घोषणा की। संगठन के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने कहा कि सवर्ण समाज के अधिकारों, सम्मान और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर यह आंदोलन किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में संगठन के नेताओं ने दावा किया कि वर्तमान नीतियों के कारण सवर्ण समाज स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है। विशेष रूप से उच्च शिक्षा से जुड़े यूजीसी के नए नियमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनका सीधा असर समाज के युवाओं और छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। संगठन का कहना है कि इन नीतियों की समीक्षा आवश्यक है।
राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा ने बताया कि 9 फरवरी को प्रस्तावित जनआक्रोश आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार एवं प्रशासन तक अपनी मांगें पहुंचाई जाएंगी। संगठन के अनुसार यह आंदोलन लोकतांत्रिक और अहिंसक रहेगा, लेकिन अपनी मांगों को मजबूती से रखने का प्रयास किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि यदि सरकार और संबंधित विभागों ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जा सकता है। संगठन के अध्यक्ष ने विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं, छात्रों और समाज के जागरूक नागरिकों से आंदोलन में भाग लेने की अपील की।
अंत में संगठन ने कहा कि यह पहल समाज के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है, जिसे लेकर वे निरंतर संघर्ष जारी रखेंगे।

