बस्ती। कांग्रेस नेता डॉ. आलोक रंजन वर्मा ने कहा है कि मनरेगा बचाओ अभियान के माध्यम से कांग्रेस ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों की निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने मनरेगा की मूल भावना को कमजोर करते हुए काम के अधिकार पर सीधा हमला किया है।
डॉ. आलोक रंजन ने कहा कि नए कानून के जरिए रोजगार की वैधानिक गारंटी समाप्त कर दी गई है, जिससे ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और कमजोर वर्गों का भविष्य गंभीर संकट में पड़ गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से गांवों में रोजगार के अवसर सृजित हुए, मजबूरी में होने वाला पलायन रुका और ग्रामीण क्षेत्रों की क्रय शक्ति में वृद्धि हुई। मनरेगा के कमजोर होने का सीधा असर गांवों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी इस जनविरोधी निर्णय को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी और लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीकों से इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को इस मुद्दे पर जागरूक करेंगे।
डॉ. आलोक रंजन वर्मा ने प्रदेशवासियों और कांग्रेस समर्थकों से अपील की कि वे 12 जनवरी को परिवर्तन प्रतिज्ञा दिवस के अवसर पर लखनऊ के गांधी भवन प्रेक्षागृह, कैसरगंज में आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों की इस लड़ाई को मजबूती प्रदान करें।

