गौतम अडानी, अडानी ग्रुप के चेयरमैन, ने हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ की है और उन्हें आर्थिक उदारीकरण के लिए महत्वपूर्ण रूप से समर्पित बताया है। अडानी ने कहा कि मनमोहन सिंह ने 1991 में आर्थिक उदारीकरण की नीति के माध्यम से देश की इकोनॉमी को एक नई दिशा में ले जाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाये थे। उन्होंने इस नीति को विकास की नींव बताया और इसी नींव पर भारत की आर्थिक वृद्धि हुई।
अडानी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा कि मनमोहन सिंह ने लाइसेंस राज को समाप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे भारतीय व्यापार को गति मिली और निवेश, उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सरकारी मंजूरी की जरूरत नहीं रही। उन्होंने बताया कि इस दौरान 1991 से 2014 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में विकास के लिए महत्वपूर्ण नींव रखी गई, जिसे 2014 से 2024 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने और भी मजबूती से आगे बढ़ाया है।
अडानी ग्रुप अब भारत में ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन में 100 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहा है। उन्होंने खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा रीन्यूएबल एनर्जी पार्क बनाने का भी ऐलान किया है, जिससे बिजली की उत्पादन को 30 गीगावाट तक बढ़ाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से वे ग्रीन एनर्जी में भी अपना योगदान देने का प्लान बना रहे हैं।
अडानी ग्रुप ने इसी बारे में व्यापारिक और सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी चर्चा की है और नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) के विकास में पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर को शामिल होने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर में भारत में और भी बड़े प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने का प्लान है।




