बस्ती। समाज में बढ़ती नफरत और विभाजनकारी सोच के खिलाफ जनपद बस्ती में जागरूक नागरिकों ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। महरीपुर बस्ती निवासी व पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष APN अनिल सिंह द्वारा दिए गए एक बयान में कहा गया है कि वर्तमान समय में कुछ लंपट और दिशाविहीन युवक, जो अपनी मौलिक समस्याओं से अनजान हैं, एक खास तरह का गमछा सिर पर बांधकर समाज के एक वर्ग विशेष, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति नफरत फैलाने का कार्य कर रहे हैं।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष APN अनिल सिंह के अनुसार, ये लोग बहुसंख्यक समाज के अपरिपक्व मस्तिष्क में यह धारणा बैठाने का प्रयास कर रहे हैं कि देश और समाज की वर्तमान समस्याओं की जड़ एक ही समुदाय है। इतना ही नहीं, इतिहास को तोड़-मरोड़ कर यह प्रचारित किया जा रहा है कि कथित तौर पर उनके पुरखों ने बहुसंख्यकों पर अत्याचार और दमन किया था, जिससे सामाजिक सौहार्द को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
इसी सोच और नफरत की भाषा का प्रतिरोध करने के उद्देश्य से सादर विधायक महेंद्रनाथ यादव और कामरेड के.के. त्रिपाठी के नेतृत्व में जनपद के संवेदनशील नागरिकों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी बस्ती से मिला। प्रतिनिधिमंडल में चिकित्सक, अधिवक्ता, पत्रकार और विभिन्न वर्गों के युवा शामिल थे। सभी ने एक स्वर में जिले में शांति, भाईचारे और आपसी सौहार्द बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुलाकात का सकारात्मक पक्ष यह रहा कि जिसके तुरंत बाद जिले में धारा 163 लगा दिया गया ।
अनिल सिंह ने अपने बयान में यह भी कहा कि बस्ती में नागरिकों द्वारा की गई यह पहल सराहनीय है और इसे उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में दोहराया जाना चाहिए। उनका मानना है कि तभी गंगा-जमुनी तहजीब को पुष्पित और पल्लवित किया जा सकेगा तथा समाज को नफरत की राजनीति से बचाया जा सकेगा।

