देश के सबसे पुराने और बड़े किसान संगठन अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) से संबद्ध उत्तर प्रदेश किसान सभा का तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन खेतों को उजाड़ने और किसानों को बर्बाद करने वाली केंद्र व राज्य सरकारों की नीतियों के खिलाफ एकजुट संघर्ष तेज करने के आह्वान के साथ संपन्न हो गया। सम्मेलन में नया राज्य नेतृत्व भी निर्वाचित किया गया।

सम्मेलन का शुभारंभ पहले दिन भव्य किसान रैली के साथ हुआ। उद्घाटन एआईकेएस के राष्ट्रीय नेता एवं पूर्व विधायक पी. कृष्णप्रसाद ने किया, जबकि समापन बिहार के वरिष्ठ किसान नेता एवं राष्ट्रीय संयुक्त सचिव अवधेश कुमार ने किया। एआईकेएस के संयुक्त सचिव बादल सरोज ने भी प्रतिनिधि सत्र को संबोधित किया।

प्रदेश भर से आए प्रतिनिधियों ने तीन दिनों तक अपने-अपने जिलों के हालात साझा किए। प्रतिनिधियों ने बताया कि किसानों को उनकी उपज का मूल्य लागत से भी कम मिल रहा है। उपजाऊ भूमि को कौड़ियों के दाम पर किसानों से लेकर कॉरपोरेट कंपनियों को सौंपा जा रहा है। बिजली कानून और निजीकरण से ऊर्जा आम जनता की पहुंच से बाहर होती जा रही है। नए बीज कानून के जरिए खेती को बहुराष्ट्रीय कंपनियों की लूट का जरिया बनाने की कोशिश हो रही है। बेरोजगारी बढ़ने से नई पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
सम्मेलन में डबल इंजन सरकार के असंवैधानिक बुलडोजर राज पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। अल्पसंख्यकों के साथ-साथ दलितों, महिलाओं और आदिवासियों के उत्पीड़न, लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन, बेलगाम नौकरशाही और बढ़ते भ्रष्टाचार पर रोष जताया गया।

नवनिर्वाचित महामंत्री मुकुट सिंह ने सम्मेलन के आह्वानों को स्पष्ट करते हुए कहा कि किसान सभा आने वाले दिनों में किसानों के ज्वलंत सवालों को लेकर मुद्दा आधारित अभियान और आंदोलन तेज करेगी। भूमि हड़प, बिजली निजीकरण, स्मार्ट प्रीपेड मीटर, ग्रामीण क्षेत्रों से बढ़ते पलायन, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था की स्थिति, तथा महिलाओं, दलितों, गरीबों और मुसलमानों के उत्पीड़न जैसे स्थानीय मुद्दों पर संघर्ष को व्यापक बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि “हर गांव में किसान सभा और किसान सभा में हर किसान” के लक्ष्य के साथ संगठन अपनी स्वतंत्र गतिविधियों को मजबूत करेगा और संयुक्त संघर्षों को भी पूरी ताकत से आगे बढ़ाएगा।
सम्मेलन में 75 सदस्यीय राज्य नेतृत्व का निर्वाचन किया गया। बाबूराम यादव को अध्यक्ष, डॉ. हीरा लाल यादव, भारत सिंह, इन्द्रदेव पाल और रुद्र प्रसाद मिश्रा को उपाध्यक्ष, मुकुट सिंह को महामंत्री, दिगंबर सिंह को कोषाध्यक्ष तथा चंद्रपाल सिंह, साधु शरण, संतोष शाक्य और माया राम वर्मा को संयुक्त मंत्री चुना गया।
सम्मेलन की अध्यक्षता भारत सिंह, डॉ. हीरा लाल यादव और इन्द्रदेव पाल की अध्यक्ष मंडली ने की। स्वागत भाषण दिगंबर सिंह ने दिया। सम्मेलन के अंत में कोसी कलां और मथुरा के किसानों, व्यवसायियों और नागरिकों द्वारा की गई शानदार मेजबानी के लिए आभार व्यक्त किया गया तथा कई दिनों तक जुटे रहे कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया गया।

