Homeप्रदेशवीबी-ग्रामग विधेयक को लेकर सीपीआई(एम) का विरोध, मनरेगा कमजोर करने का आरोप

वीबी-ग्रामग विधेयक को लेकर सीपीआई(एम) का विरोध, मनरेगा कमजोर करने का आरोप

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) [सीपीआई(एम)] ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 यानी वीबी-ग्रामग बिल का कड़ा विरोध किया है। पार्टी का आरोप है कि यह विधेयक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को प्रतिस्थापित करने का प्रयास है।

सीपीआई(एम) के अनुसार मनरेगा एक सार्वभौमिक और मांग-आधारित कानून है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित रूप में काम का अधिकार सुनिश्चित करता है। पार्टी का कहना है कि प्रस्तावित वीबी-ग्रामग विधेयक मनरेगा के बुनियादी स्वरूप को नकारता है और इसके जरिए केंद्र सरकार को मांग के अनुरूप धन आवंटन की जिम्मेदारी से कानूनी रूप से मुक्त किया जा रहा है।

पार्टी ने आशंका जताई कि यदि यह विधेयक लागू होता है तो ग्रामीण रोजगार सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और गरीब व मजदूर वर्ग के हितों को नुकसान पहुंचेगा। सीपीआई(एम) ने सरकार से वीबी-ग्रामग विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

Vedic Dwivedi
Vedic Dwivedi
Founder Member & Chief Editor of NTF
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