देवरिया, एकौना थाना क्षेत्र | बुधवार
देवरिया जिले के माझा नारायण गांव में शिक्षामित्र और बीएलओ (BLO) के रूप में कार्यरत 40 वर्षीय रंजू देवी की मंगलवार देर रात अचानक मौत हो गई। देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के KGMU ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में हालत नाजुक होने पर बस्ती जिले के पास उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने कार्डियक अरेस्ट को मौत का कारण बताया है।
वर्ष 2006 से प्राथमिक विद्यालय मठिया पांडेय में शिक्षामित्र के रूप में सेवा दे रहीं रंजू देवी इन दिनों मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत बीएलओ की जिम्मेदारी निभा रही थीं। मंगलवार शाम उन्होंने बीएलओ कार्य की समीक्षा को लेकर एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में हिस्सा लिया था।
मृतका के पति जगदम्बा दूबे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बैठक में रंजू देवी पर करीब 50 एसआईआर फॉर्म तत्काल भरकर जमा करने का दबाव बनाया गया था। उनके मुताबिक, बैठक के बाद रंजू देवी अत्यधिक तनाव में थीं और कुछ घंटे बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। देर रात लगभग 11 बजे उन्हें तेज सीने का दर्द हुआ और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं।
परिवार का आरोप है कि अत्यधिक कार्यभार और प्रशासनिक दबाव रंजू देवी की मौत का कारण बना। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर इसे कार्डियक अरेस्ट का मामला बता रहा है।
घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है, जबकि परिजन न्यायिक जांच की मांग पर अडिग हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच कराने की बात कही है।

