लखनऊ, 28 अगस्त: उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। राज्य में 1 से 30 सितंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा।
अभियान का उद्देश्य
यह अभियान सड़क सुरक्षा समितियों के समन्वय में जिलाधिकारियों के नेतृत्व में चलाया जाएगा। इसमें पुलिस, परिवहन विभाग, राजस्व और जिला प्रशासन के अधिकारी संयुक्त रूप से काम करेंगे।
सरकार का कहना है कि इसका मकसद दंड देना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
कानूनी प्रावधान
- मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129: दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठे यात्रियों, दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य।
- धारा 194D: नियमों का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान।
सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति ने भी राज्यों को हेलमेट नियमों का पालन प्राथमिकता देने की सलाह दी है।
परिवहन आयुक्त का बयान
परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह ने कहा,
“सभी नागरिकों, पेट्रोल पंप संचालकों और तेल कंपनियों से सहयोग की अपील की जाती है। ‘पहले हेलमेट, बाद में ईंधन’ को जीवन बचाने का नियम बनाया जाए। हेलमेट पहनना जीवन बचाने का सबसे आसान उपाय है।”
तेल कंपनियों और पेट्रोल पंपों का सहयोग
सरकार ने कहा कि इस अभियान से ईंधन की बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल सहित सभी तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों से सहयोग करने का अनुरोध किया गया है।
- अनुभव बताता है कि दोपहिया वाहन मालिक जल्दी ही हेलमेट पहनकर पेट्रोल भरवाने की आदत डाल लेते हैं।
विभागों की जिम्मेदारी
- खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग: पेट्रोल पंपों पर समन्वय और निगरानी की जिम्मेदारी।
- सूचना एवं जनसंपर्क विभाग: अभियान के प्रति जागरूकता फैलाने का काम।

