बस्ती, 17 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कम बच्चों का बहाना बनाकर ‘पेयरिंग’ (pairing) की आड़ में बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए जाने के विरोध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। इसी क्रम में, माकपा नेता शेषमणि के नेतृत्व में माकपा कार्यकर्ताओं के साथ मिड डे मील कर्मी, जनौस, एडवा और ई-रिक्शा चालक भी शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने न्याय मार्ग स्थित कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला और वहाँ प्रदर्शन किया। उन्होंने अतिरिक्त उप जिलाधिकारी को राष्ट्रपति महोदया को संबोधित एक पाँच-सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
माकपा नेता कामरेड के.के. तिवारी ने बताया कि मांग पत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की इस नीति को गैर-कानूनी और संविधान की मंशा के विपरीत बताया गया है। उन्होंने बच्चों की कमी के पीछे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुसार आधार लिंक होने की बाध्यता को भी एक प्रमुख कारण बताया। मांग पत्र में विद्यालय की दूरी बढ़ जाने से आवारा पशुओं, जहरीले जानवरों आदि के खतरे और विशेषकर बच्चियों की असुरक्षा के भय का भी उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त, रसोईयों के समायोजन न किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है।
जुलूस में के.के. तिवारी, सत्यराम, ध्रुव चंद, उर्मिला चौधरी, शिव चरण निषाद, नीलू, सोनी, पूनम, संतोष कुमार यादव, पूनम, नवनीत यादव, विशाला, जगदीश प्रसाद यादव, सीता राम शर्मा, आरती, इंद्रावती, राम निरख यादव, सिकंदर, गुड़िया, संतोष, सुरेश कुमार, संतोष पाठक, शंकर दास, चंद्र भान, जयकरण, सुराती, तुलसी राम, राहुल, रीना, अरुण, विकास, आरती, शकुंतला, सुमन, राम पति, प्राण पति, विमला गौड़, मनका, गीता, विमलावती, उषा, अनुपम सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।
बस्ती में माकपा कार्यकर्ताओं ने प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने के विरोध में माकपा के प्रदेशव्यापी विरोध दिवस के क्रम में किया प्रदर्शन
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