हैदराबाद: तेलंगाना में एक राजनीतिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी और एमएलसी के. कविता के समर्थकों ने विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चिंतापंडु नवीन उर्फ टीनमार मल्लाना के कार्यालय पर धावा बोल दिया। विरोध कर रहे ये सभी लोग के. कविता के एनजीओ ‘तेलंगाना जागृति’ से जुड़े हुए हैं। इस दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मल्लाना के सुरक्षा में तैनात गनमैन को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में फायरिंग करनी पड़ी।
घटना के बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। राचकोंडा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पीवी पद्मजा ने बताया कि तेलंगाना एमएलसी चिंतापंडु नवीन के सुरक्षा दस्ते के गनमैन ने हवाई फायरिंग की। डीसीपी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “किसी को गोली नहीं लगी है।”
दफ्तर में जमकर तोड़फोड़
रिपोर्ट्स के अनुसार, तेलंगाना जागृति के कार्यकर्ताओं का एक समूह अचानक मल्लाना के कार्यालय में घुस गया और जमकर तोड़फोड़ की। मल्लाना का टीवी चैनल ‘क्यू न्यूज’ भी इसी परिसर में स्थित है। मल्लाना के कार्यालय ने पुष्टि की है कि इस घटना में खिड़कियों के शीशे टूट गए और कार्यालय का फर्नीचर भी क्षतिग्रस्त हो गया।
क्यों भड़के समर्थक?
यह पूरा विवाद टीनमार मल्लाना द्वारा की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर शुरू हुआ। के. कविता ने हाल ही में तेलंगाना में पिछड़े वर्गों के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर एक विरोध प्रदर्शन किया था। कविता का आरोप है कि मल्लाना ने उनके इस आंदोलन पर अशोभनीय और आपत्तिजनक टिप्पणियां कर एक महिला के तौर पर उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
डीजीपी को लिखा था पत्र
अपने समर्थकों के हिंसक विरोध से पहले, के. कविता ने तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को एक पत्र लिखकर मल्लाना के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की थी। पत्र में उन्होंने लिखा, “मैं टीनमार मल्लाना द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को अत्यधिक निंदनीय मानती हूं। मैं अनुरोध करती हूं कि एक महिला के रूप में मेरी गरिमा को ठेस पहुंचाने के आपराधिक इरादे से अशोभनीय और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के लिए टीनमार मल्लाना के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।”
उल्लेखनीय है कि टीनमार मल्लाना को मार्च में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और परिसर में तोड़फोड़ करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है।

