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एयर इंडिया विमान हादसा: शुरुआती रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, टेकऑफ़ के तुरंत बाद ‘कट-ऑफ़’ हुए थे दोनों इंजन के फ़्यूल स्विच.?


नई दिल्ली: पिछले महीने हुए एयर इंडिया विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट ने एक बड़ा और हैरान करने वाला खुलासा किया है। भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा जारी की गई इस रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के उड़ान भरते ही दोनों इंजन के फ़्यूल कंट्रोल स्विच ‘कट-ऑफ़’ पोज़िशन में चले गए थे। यह हादसा जिसमें 260 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और सिर्फ़ एक यात्री ही सुरक्षित बच पाया था, अब एक नए मोड़ पर आ गया है।


कॉकपिट में हुई थी हैरान करने वाली बातचीत
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग से सामने आई है। रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता है, “आपने कट-ऑफ़ क्यों किया?” जवाब में दूसरा पायलट कहता है कि उसने ऐसा नहीं किया। यह बातचीत बताती है कि विमान के इंजन बंद होने से दोनों पायलट हैरान थे। फ़िलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह आवाज़ें किस पायलट की हैं।
हादसे से ठीक पहले के 15 पन्नों के शुरुआती विवरण के अनुसार, टेकऑफ़ के कुछ ही सेकंड बाद, जब विमान 180 नॉट्स की अधिकतम स्पीड पर था, तभी एक के बाद एक दोनों इंजन के फ़्यूल स्विच एक सेकंड के अंतराल पर कट-ऑफ़ हो गए।
पायलट ने आख़िरी क्षण तक की बचाने की कोशिश
रिपोर्ट के अनुसार, पायलटों ने तुरंत विमान को नियंत्रित करने की कोशिश की। इंजन बंद होने के लगभग 10 सेकंड बाद उन्होंने दोनों फ़्यूल स्विच को वापस ‘रन’ पोज़िशन में किया। इसके बाद, लगभग नौ सेकंड बाद एक पायलट ने ज़मीन पर मौजूद एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल को “मे डे मे डे मे डे” का आपातकालीन संदेश भेजा। हालांकि, उन्हें कोई जवाब नहीं मिला और कुछ ही क्षणों में विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इंजन फेल होते ही रैम एयर टर्बाइन (RAT)- एक छोटी प्रोपेलर जैसी डिवाइस- अपने आप एक्टिव हो गई, ताकि इमरजेंसी में हाइड्रॉलिक पावर मिल सके। एयरपोर्ट के सीसीटीवी फ़ुटेज में भी यह टर्बाइन सक्रिय दिखी थी।


जांच में ये बातें आईं सामने


जांच में इस आशंका को खारिज किया गया है कि किसी पक्षी के टकराने से हादसा हुआ हो। एयरपोर्ट के आसपास कोई बड़ी बर्ड एक्टिविटी नहीं मिली।

हादसे से पहले पायलट और क्रू का ब्रेथ एनालाइज़र टेस्ट किया गया था, जिसमें वे ‘फ़्लाइट ऑपरेट करने के लिए फ़िट’ पाए गए।

विमान में डाले गए ईंधन के सैंपल भी संतोषजनक पाए गए हैं। हालांकि, विमान के फ़िल्टर से लिए गए कम मात्रा के सैंपल को और ज़्यादा जांच के लिए एक ख़ास लैब में भेजा गया है।

एयर इंडिया ने कहा- जांच में कर रहे हैं पूरा सहयोग
एयर इंडिया ने इस रिपोर्ट पर एक बयान जारी किया है। कंपनी ने कहा है कि वह ‘हादसे में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है’ और जांच कर रही एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। चूंकि जांच अभी जारी है, इसलिए कंपनी ने रिपोर्ट के किसी विशेष विवरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
यह ध्यान देने वाली बात है कि फिलहाल बोइंग ड्रीमलाइनर 787 या इस विमान में इस्तेमाल होने वाले इंजनों के लिए कोई एडवाइज़री जारी नहीं की गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि तकनीकी ख़राबी की संभावना अभी तक निश्चित नहीं है।
यह सिर्फ़ एक शुरुआती रिपोर्ट है, जिसने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह कोई तकनीकी खराबी थी, सॉफ्टवेयर की समस्या थी, या फिर मानवीय भूल? इन सभी सवालों का जवाब फाइनल रिपोर्ट के बाद ही मिल पाएगा।

Rishik Dwivedi
Rishik Dwivedi
Founder Member & Sub- Editor of NTF
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