बस्ती, 25 फरवरी। इस समय सीबीएसई और यूपी बोर्ड की परीक्षाएँ चल रही हैं, जिनमें पहले ही दिन हाईस्कूल के 2,548 और इंटर के 2,105 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी। इसी बीच एक दुखद घटना सामने आई है। संत कबीरनगर के बौरव्यास निवासी 17 वर्षीय आदर्श पांडेय ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह रामबाग विद्यालय में 12वीं कक्षा का छात्र था।
आदर्श कोतवाली क्षेत्र के बैरिहवां मोहल्ले में किराए के मकान में रहता था और उसकी परीक्षा उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी में चल रही थी। अब तक उसके दो पेपर हो चुके थे। जानकारी के अनुसार, उसका एक पेपर खराब हुआ था, जिसके बाद से वह मानसिक तनाव में था। सोमवार देर रात उसने यह दुखद कदम उठा लिया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यह घटना उन सभी छात्रों के लिए एक चेतावनी है जो परीक्षा के दबाव में टूट जाते हैं। पेपर खराब होना या किसी भी परिस्थिति से जूझना जीवन का एक हिस्सा है, लेकिन आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। जीवन में चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन संघर्ष से ही सफलता मिलती है। असफलता किसी की योग्यता को निर्धारित नहीं करती, बल्कि यह आगे बढ़ने का अवसर देती है।

