देहरादून, 14 फरवरी – देहरादून को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने बैगर्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल के तहत भीख मांगने वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाएगा और वयस्कों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
बच्चों के हाथ में कटोरे की जगह होगी कलम
इस अभियान के तहत भीख मांगने वाले बच्चों को पुनर्वास केंद्रों में भेजकर शिक्षा की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, भिक्षावृत्ति में संलग्न वयस्कों को सिलाई, खाद्य उत्पादन, हस्तशिल्प जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जाएंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
बैगर्स कॉर्पोरेशन लि0 के साथ एमओयू
इस अभियान को साकार करने के लिए जिला प्रशासन ने बैगर्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ एमओयू साइन किया है। इस दौरान बैगर्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सीईओ चंद्र मिश्रा ने कहा, “डीएम सविन बंसल द्वारा किए जा रहे नवाचार प्रेरणादायक हैं। हमारी संस्था इस प्रयास में जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।”
उद्यमिता की ओर बढ़ेंगे पूर्व भिक्षुक
भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों को व्यवसाय स्थापित करने, विपणन और वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। साथ ही, उनके उत्पादों को होटल, दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफार्मों से जोड़ा जाएगा, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
डीएम खुद करेंगे निगरानी
जिलाधिकारी सविन बंसल इस प्रोजेक्ट की निगरानी स्वयं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य देहरादून को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाना है। यह सिर्फ एक पुनर्वास कार्यक्रम नहीं, बल्कि इन लोगों को गरिमा के साथ जीवन जीने का अवसर देने की पहल है।”
इस महत्वपूर्ण परियोजना से न केवल देहरादून भिक्षावृत्ति मुक्त होगा, बल्कि यह देशभर के अन्य शहरों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।

