बस्ती: जिले के महिला अस्पताल स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के बाहर मेडिकल स्टोर संचालकों ने केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि जन औषधि केंद्र से बाहरी दवाइयां बेची जा रही हैं, जिसके चलते उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वे बार-बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई न होने से नाराज हैं और चेतावनी दी है कि जब तक इस पर कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन का प्रमुख कारण:
संगठन के जिला अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में दवाइयों की बिक्री में गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां पर मानक के अनुरूप दवाइयों के बजाय बाहरी दवाइयां बेची जा रही हैं, जिनमें नशीली और प्रतिबंधित दवाइयां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की दवाइयों की बिक्री कानून के खिलाफ है और इसके बारे में मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
क्या विफल है प्रधानमंत्री की “जन औषधि केंद्र” योजना :
संगठन के जिला अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना “जन औषधि केंद्र” का उद्देश्य सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां आम जनता तक पहुंचाना था, लेकिन जिले में अधिकांश केंद्रों पर जन औषधि दवाइयां अनुपलब्ध रहती हैं। इसके बजाय जेनेरिक दवाइयां जो कई गुना महंगी होती हैं, बेची जा रही हैं। इस अनियमितता ने इस योजना को विफल करने का काम किया है।
प्रदर्शन में मौजूद लोग:
धरने में संगठन के जिला अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, कृष्ण कुमार गुप्ता, मोहम्मद अजीज, विवेक सिंह, शुभम, अजीत सिंह, और रामदीन भारती समेत अन्य मेडिकल स्टोर संचालक शामिल थे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जन औषधि केंद्रों की नियमित जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है, लेकिन प्रदर्शकारियों का कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।


