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अनुशासन और गुणवत्ता की मिसाल : रामधनी सिंह नोहरा देवी राजकीय महाविद्यालय में सुचारू रूप से हो रही हैं नकल विहीन परीक्षा

शिक्षा के क्षेत्र में अनुशासन और गुणवत्ता की मिसाल पेश करते हुए रामधनी सिंह नोहरा देवी राजकीय महाविद्यालय, गड़हा गौतम, कप्तानगंज ने एक बार फिर नकलविहीन परीक्षा का मानक स्थापित किया

कप्तानगंज (बस्ती): शिक्षा के क्षेत्र में अनुशासन और गुणवत्ता की मिसाल पेश करते हुए रामधनी सिंह नोहरा देवी राजकीय महाविद्यालय, गड़हा गौतम, कप्तानगंज ने एक बार फिर नकलविहीन परीक्षा का मानक स्थापित किया है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध इस महाविद्यालय में दिसंबर से जनवरी तक बीए प्रथम, तृतीय और पंचम सेमेस्टर की परीक्षाएं सुचारू रूप से आयोजित की जा रही हैं। प्रशासन की कड़ी निगरानी और शिक्षकों की प्रतिबद्धता के चलते परीक्षाओं का माहौल न केवल अनुशासनपूर्ण है, बल्कि छात्रों और अभिभावकों के बीच यह प्रेरणा का स्रोत भी बना हुआ है।

कड़ी सुरक्षा और पारदर्शिता

महाविद्यालय प्रशासन ने इस बार भी परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं। परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, और कक्ष निरीक्षकों की सक्रियता भी सुनिश्चित की गई है। साथ ही, परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले छात्रों की सघन जांच की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री परीक्षा कक्ष में लाने की संभावना शून्य हो।

प्राचार्य डॉ आर्येन्दु द्विवेदी ने बताया, “हमारा उद्देश्य नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि छात्रों में नैतिक मूल्यों और आत्मनिर्भरता का विकास हो। यह कदम न केवल शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में मदद करेगा, बल्कि समाज में सही संदेश भी देगा।”

छात्रों में जागरूकता और आत्मविश्वास का संचार

नकलविहीन परीक्षा से छात्रों के बीच एक सकारात्मक संदेश गया है। कई छात्रों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था उन्हें वास्तविक ज्ञान के आधार पर अपनी क्षमताओं को परखने का मौका देती है।

अभिभावकों की सराहना

महाविद्यालय की इस पहल को अभिभावकों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। कई अभिभावकों ने प्रशंसा करते हुए कहा कि नकलविहीन परीक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक बड़ा कदम है।

महाविद्यालय को आदर्श बनाने का प्रयास

राजकीय महाविद्यालय गड़हा गौतम ने नकलविहीन परीक्षा को केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक आंदोलन के रूप में अपनाया है। यह पहल न केवल छात्रों के लिए प्रेरक है, बल्कि अन्य संस्थानों के लिए भी एक आदर्श प्रस्तुत करती है। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, नकलविहीन परीक्षा के जरिए छात्रों के भीतर प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहित करना और शिक्षा के प्रति उनके दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाना मुख्य उद्देश्य है।

भविष्य के लिए नई उम्मीदें

परीक्षा प्रक्रिया के सफल संचालन ने न केवल प्रशासन और छात्रों के बीच विश्वास को मजबूती दी है, बल्कि यह उम्मीद भी जगाई है कि आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनेगी।

समाज को संदेश

रामधनी सिंह नोहरा देवी राजकीय महाविद्यालय का यह प्रयास समाज के लिए भी एक मजबूत संदेश है कि शिक्षा में ईमानदारी और पारदर्शिता को बढ़ावा देना ही एक उज्ज्वल भविष्य का आधार हो सकता है। महाविद्यालय के इस उदाहरण को देखते हुए अन्य शिक्षण संस्थानों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए और नकलविहीन परीक्षाओं की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए

राजकीय महाविद्यालय ने यह साबित कर दिया है कि सही प्रबंधन, शिक्षकों की दृढ़ता और छात्रों की ईमानदारी से नकलविहीन परीक्षा को सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सकता है। इस प्रयास ने न केवल शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाया है, बल्कि छात्रों और समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन की नींव रखी है।

Rishik Dwivedi
Rishik Dwivedi
Founder Member & Sub- Editor of NTF
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