पोर्नोग्राफी मामले में आरोपी और बिजनेसमैन राज कुंद्रा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा कदम उठाते हुए शुक्रवार सुबह उनके सांताक्रूज स्थित घर पर छापेमारी की। यह छापेमारी सुबह 6 बजे से शुरू हुई और पूरे दिन कार्रवाई चलती रही। ईडी ने राज कुंद्रा के आवास सहित महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की कुल 15 लोकेशन्स पर सर्च ऑपरेशन किया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2017 में लॉन्च की गई गेन बिटकॉइन नामक इनवेस्टमेंट कंपनी से जुड़ा है। इस कंपनी ने बिटकॉइन माइनिंग के नाम पर लोगों को 10% का भारी रिटर्न देने का वादा किया था। लेकिन 2018 में यह पोंजी स्कीम का पर्दाफाश हुआ। हजारों निवेशकों का पैसा डूब गया, जिसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
राज कुंद्रा पर बिटकॉइन मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप
जांच में खुलासा हुआ कि इस स्कैम के मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज के खातों से 285 बिटकॉइन राज कुंद्रा के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इन बिटकॉइन की कीमत 150 करोड़ रुपये आंकी गई। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में राज कुंद्रा के जुहू स्थित बंगले और पुणे के फार्महाउस को खाली करने का नोटिस भी दिया था।
कोर्ट की सुनवाई के बाद कार्रवाई
राज कुंद्रा ने ईडी के नोटिस को मुंबई हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट से राहत नहीं मिली। 27 नवंबर को ईडी ने रेड का नोटिस जारी किया, और आज सुबह यह कार्रवाई शुरू की गई।
ईडी की व्यापक जांच
ईडी की टीम ने राज कुंद्रा के घर के अलावा कई अन्य लोकेशन्स पर भी छापे मारे। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं।
राज कुंद्रा की पूर्व गिरफ्तारी और विवाद
गौरतलब है कि इससे पहले राज कुंद्रा पोर्नोग्राफी मामले में भी जेल जा चुके हैं। उन पर अश्लील सामग्री के निर्माण और उसे ऑनलाइन प्रसारित करने के आरोप लगे थे। हालांकि बाद में वे जमानत पर रिहा हुए।
क्या आगे होगा?
बिटकॉइन स्कैम में ईडी की जांच अब राज कुंद्रा के निवेश और लेनदेन पर केंद्रित है। इस छापेमारी से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
यह मामला न केवल मनी लॉन्ड्रिंग बल्कि वित्तीय धोखाधड़ी के जटिल नेटवर्क को भी उजागर कर सकता है।

