गंजम जिले के NH-16 पर ट्रक चालकों से अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने इस काले धंधे में शामिल क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के दो अधिकारियों और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घटना न सिर्फ भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर करती है बल्कि ट्रक चालकों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है।
कैसे हुआ रैकेट का भंडाफोड़?
गोलंथरा पुलिस को सूचना मिली थी कि गिरीशोला इलाके में कुछ लोग ट्रकों को रोककर अवैध रूप से पैसे वसूल रहे हैं। जब पुलिस ने मौके पर छापा मारा, तो चार लोगों को एक ट्रक से पैसे लेते हुए देखा गया। इनमें से तीन को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक आरोपी फरार हो गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे गंजम RTO के अधिकारियों के लिए काम कर रहे थे।
व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए चल रहा था रैकेट
जांच में पता चला कि इस अवैध वसूली का पूरा नेटवर्क व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए चलाया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी RTO के अधिकारियों से जुड़े इस ग्रुप में ट्रकों की जानकारी साझा करते थे। पैसे देने वाले ट्रकों की जानकारी भेजी जाती, ताकि उन्हें RTO की जांच से बचाया जा सके। वसूला गया पैसा या तो नकद या ऑनलाइन माध्यम से RTO अधिकारियों तक पहुंचाया जाता था।
गिरफ्तार अधिकारी और आरोप
गिरफ्तार अधिकारियों में अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के. वेंकटेश और जूनियर मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर रतिकांत नायक शामिल हैं। इनके साथ तीन अन्य लोग भी पकड़े गए हैं। सभी पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस कर रही है गहन जांच
बेरहामपुर के एसपी सरवण विवेक एम. ने बताया कि यह रैकेट केवल इन पांच लोगों तक सीमित नहीं है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाने और रैकेट की जड़ों तक पहुंचने के लिए जांच कर रही है।
भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम?
यह घटना न केवल प्रशासनिक भ्रष्टाचार का एक उदाहरण है बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे अवैध गतिविधियों के जरिए सरकारी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस रैकेट की पूरी श्रृंखला को उजागर कर पाती है या नहीं।
यह मामला भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का प्रतीक बनेगा या केवल एक और घटना बनकर रह जाएगा? जनता को जवाब का इंतजार है।

