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बस्ती में ढाबे पर प्रधान प्रतिनिधि और युवक के बीच हुआ विवाद, वायरल किया पाँच साल पुराना फ़ायरिंग का वीडियो !

घटना डुहवा स्थित एक ढाबे पर रात के समय हुई।घटना के बाद गांव में प्रधान प्रतिनिधि की ओर से की गई हर्ष फायरिंग का एक पुराना वीडियो वॉयरल कर दिया गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वॉयरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई।

बस्ती जिले के छावनी थानाक्षेत्र में एक ढाबे पर प्रधान प्रतिनिधि और एक युवक के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई। यह घटना शुक्रवार रात डुहवा स्थित एक ढाबे पर हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

घटना के बाद गांव में प्रधान प्रतिनिधि की ओर से की गई हर्ष फायरिंग का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे मामले ने नया मोड़ लिया। वीडियो में प्रधान प्रतिनिधि के द्वारा हर्ष फायरिंग करते हुए दिखाया गया था। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर फैला, पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और मामले की जांच शुरू कर दी।

पुलिस जांच में यह पता चला कि वायरल वीडियो पांच साल पुराना था, जब प्रधान प्रतिनिधि द्वारा एक सार्वजनिक आयोजन में हर्ष फायरिंग की गई थी। हालांकि, वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया और मामले को निपटाने की दिशा में कदम उठाए।

वीडियो के वायरल होने से बढ़ी चर्चा
सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होते ही गांव में चर्चाएं तेज हो गईं। इस घटना ने एक बार फिर से सार्वजनिक कार्यक्रमों में हर्ष फायरिंग की खतरनाक घटनाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। पुलिस ने चेतावनी दी कि ऐसे कृत्य समाज में असमंजस और हिंसा को बढ़ावा देते हैं, और इससे कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

पुलिस की कार्रवाई
इस घटना के बाद थाना प्रभारी विजय कुमार दूबे ने बताया कि दोनों पक्षों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। पुलिस ने वीडियो के संबंध में भी जांच की है और इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने यह साबित कर दिया कि सोशल मीडिया पर किसी भी घटना का वीडियो वायरल होने से पहले पूरी जानकारी और सचाई का पता लगाना आवश्यक है, ताकि लोगों में अफवाहों का फैलाव और कानून व्यवस्था में हस्तक्षेप न हो।


बस्ती में हुई यह घटना इस बात का संकेत है कि विवादों का समाधान हिंसा से नहीं, बल्कि शांति और समझदारी से किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहों का फैलाव भी खतरनाक हो सकता है, और इससे बचने के लिए जिम्मेदार नागरिकों को आगे आकर सचाई की जांच और सही दिशा में कदम उठाना चाहिए।

Rishik Dwivedi
Rishik Dwivedi
Founder Member & Sub- Editor of NTF
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