बस्ती, 09 नवंबर – मिड डे मील रसोइयों का मानदेय पिछले 15 वर्षों से केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाए जाने की प्रतीक्षा में है। इसी मांग को लेकर देशभर के रसोइये आगामी 3 दिसंबर को दिल्ली में विशाल रैली करेंगे। यूनियन की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और मुख्य अतिथि हिमी ठाकुर ने प्रेस क्लब भवन में मिड डे मील रसोइया कर्मचारी यूनियन के मंडल स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए यह जानकारी दी।
सम्मेलन की शुरुआत में माकपा महासचिव कामरेड सीताराम येचुरी सहित अन्य शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अपने उद्घाटन भाषण में हिमी ठाकुर ने प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों के विलय की नीति की आलोचना की, इसे छात्रों की संख्या के बहाने सरकारी विद्यालयों के निजीकरण की साजिश बताया।
यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष के के तिवारी ने यूनियन की राज्य कमेटी की ओर से हिमी ठाकुर का स्वागत किया और मिड डे मील की व्यवस्था का निजीकरण न करने की मांग की। प्रांतीय कोषाध्यक्ष संजीव सिन्हा ने नई शिक्षा नीति को गरीब विरोधी बताया। सिद्धार्थ नगर के जिला मंत्री विजय नाथ ने चंद्रावती केस में उच्च न्यायालय के निर्णय को लागू कराने की मांग करते हुए दिल्ली रैली में भारी संख्या में भागीदारी का संकल्प लिया।

संत कबीर नगर के जिला अध्यक्ष जग राम गौड़ ने न्यूनतम वेतन, 12 माह का मानदेय और पेंशन-बीमा जैसे लाभों की मांग की। प्रांतीय मंत्री उर्मिला चौधरी ने रैली में भागीदारी प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से निर्णय होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पुरजोर आवाज उठाने का आह्वान किया।
सम्मेलन की अध्यक्षता रमा देवी, मीरा देवी और ध्रुव चंद के तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की, जबकि संचालन विजय नाथ और राम निरख यादव ने किया। सम्मेलन को विशाला, रीता सिंह, अनिल सिंह, फूल चंद्र, राम कुशल, पंकज प्रसाद गौड़, गायत्री देवी, सूर्य मती, गुड्डू बाबा, शत्रुघ्न प्रसाद, रीना, गुजराती, आरती देवी, और अकाल मती ने संबोधित किया।

इस रैली के माध्यम से रसोइया संघ केंद्र सरकार को अपना अंशदान बढ़ाने के लिए एक सशक्त संदेश देना चाहता है, ताकि रसोइयों को सम्मानजनक मानदेय मिल सके और उनका जीवन स्तर सुधर सके।

