लखनऊ, उत्तर प्रदेश: प्रदेश की राजधानी में राज्य मंत्री ओम प्रकाश राजभर के आवास से लाखों की नकदी और जेवरात चोरी का मामला सामने आया है। यह चोरी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके बेटे अरविंद के पूर्व ड्राइवर ने की है। हुसैनगंज कोतवाली में दर्ज इस मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
चोरी का घटनाक्रम
घटना का मुख्य आरोपी रामजीत राजभर, जो अरविंद राजभर का पूर्व ड्राइवर था, हाल ही में संजय राजभर नाम के एक अन्य ड्राइवर से मिलने उनके फ्लैट पहुंचा। संजय राजभर, जो कैंसर से पीड़ित हैं, डायमंड अपार्टमेंट में रहते हैं और मेदांता अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। शिकायत के मुताबिक, रामजीत ने संजय से मिलने के दौरान फ्लैट की चाबी के बारे में पूछा और संजय ने बताया कि चाबी गार्ड के पास है। अस्पताल जाने के दौरान संजय अपने फ्लैट में लगभग तीन लाख रुपये नकदी और पत्नी के कुछ जेवर छोड़ गए थे, लेकिन जब लौटे, तो बैग में से दो लाख 75 हजार रुपये और जेवर गायब थे।
रसोइया गोरख साहनी पर भी संदेह
संजय का आरोप है कि इस चोरी में रामजीत के साथ उनके रसोइये गोरख साहनी का भी हाथ है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। रामजीत की पत्नी ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनके पति केवल संजय राजभर के घर का कामकाज देखते थे।
मंत्री के बेटे का बयान
अरविंद राजभर ने अपने बयान में बताया कि संजय राजभर उनके परिवार के लंबे समय से ड्राइवर हैं। उनकी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए परिवार और दोस्तों ने मिलकर लगभग तीन लाख रुपये जुटाए थे। उन्होंने कहा कि रामजीत, जिसे कुछ समय पहले ही नौकरी से हटाया गया था, ने गोरख की मदद से फ्लैट की चाबी हासिल की और चोरी को अंजाम दिया।
पुलिस की जांच और हिरासत
टांडा पुलिस ने अंबेडकरनगर में रामजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में हुसैनगंज कोतवाली के एसएचओ राम कुमार गुप्ता ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करेगी।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
यह घटना राजधानी के बीच एक मंत्री के आवास पर हुई है, जिससे सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठे हैं। पुलिस इस मामले में हर पहलू से जांच कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आरोपी के खिलाफ ठोस साक्ष्य मिले।

