अमरोहा, 25 अक्टूबर — उत्तर प्रदेश के अमरोहा में शुक्रवार सुबह एक स्कूल बस पर नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में सनसनी फैला दी। गनीमत रही कि 28 मासूम बच्चों से भरी इस बस में कोई घायल नहीं हुआ। इस खौफनाक घटना के बाद बच्चों में डर का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुट गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने संदिग्ध आरोपियों में से एक को हिरासत में ले लिया है।
फिल्मी अंदाज में पीछा, बस पर दो राउंड फायरिंग
बताया जा रहा है कि घटना सुबह के समय नगला ठाकुरद्वारा रोड पर हुई, जब एसआरएस इंटरनेशनल स्कूल की बस बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। तभी बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने बीच रास्ते में बस को ओवरटेक कर रोका। बस में बैठे बच्चों ने बताया कि बदमाशों ने पहले बस पर पत्थर फेंके और फिर फायरिंग शुरू कर दी। यह दृश्य देख बच्चे सहम गए, जबकि चालक मोंटी ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को तेजी से वहां से भगा लिया।

बदमाशों का खौफनाक इरादा: ड्राइवर पर थी नजर
बस चालक मोंटी ने बताया कि फायरिंग के दौरान बदमाशों ने एक किलोमीटर तक बस का पीछा किया। मोंटी के मुताबिक, तीन दिन पहले उसका स्कूटी सवार कुछ युवकों से झगड़ा हुआ था। उन युवकों ने उसे धमकी दी थी कि इसका अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। मोंटी का दावा है कि बस पर फायरिंग करने वाले वही युवक थे, जो झगड़े में शामिल थे। चालक की सूझबूझ से बस और उसमें सवार सभी बच्चे सुरक्षित बच गए, लेकिन इस वारदात के बाद सभी बच्चे खौफ में हैं।
ड्राइवर की बहादुरी ने बचाई जानें, बच्चों के माता-पिता हुए भावुक
फायरिंग की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। घटना के बाद जैसे ही बच्चों के माता-पिता पहुंचे, बच्चों ने उनसे लिपटकर रोना शुरू कर दिया। बच्चों की इस हालत को देखकर माता-पिता भी भावुक हो उठे । बदमाशों ने तेज आवाज में धमकी दी और फरार हो गए।

मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, जांच जारी
पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुछ दिन पहले चालक का झगड़ा जिन युवकों से हुआ था, उन्हीं में से एक ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है और चालक की शिकायत पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
भाजपा नेता की स्कूल बस पर हमला
एसआरएस इंटरनेशनल स्कूल की यह बस गजरौला ब्लॉक प्रमुख पति और भाजपा नेता चौधरी वीरेंद्र सिंह की है। इस घटना ने पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है।

