बस्ती, 8 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान के 5वें चरण के तहत महिलाओं और लड़कियों को सशक्त और जागरूक बनाने की दिशा में एक और कदम उठाया गया। सोमवार को जिले में विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें जी.जी.आई.सी की कक्षा 12 की छात्रा साक्षी को एक दिन के लिए जिलाधिकारी (डीएम) बनाया गया। साक्षी ने बस्ती कलक्ट्रेट में बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और लोगों की समस्याएं सुनीं।
एक दिन की डीएम ने दिखाई नेतृत्व क्षमता
जिलाधिकारी रवीश कुमार गुप्ता ने साक्षी को अपनी कुर्सी पर बैठाकर एक दिन के लिए जिले की कमान सौंपी। साक्षी ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के आदेश दिए। इस दौरान, जिले भर में मिशन शक्ति के तहत कई तहसीलों और विभागों में विभिन्न छात्राओं को भी एक दिन का अधिकारी बनाया गया।
सिविल सेवा में जाने का सपना
एक दिन की डीएम साक्षी ने कहा, “डीएम की कुर्सी पर बैठकर गर्व महसूस हो रहा है। मेरा सपना सिविल सर्विसेज में जाने का है, और आज मैं सम्मानित महसूस कर रही हूं कि मुझे इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दी गई।” साक्षी ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द निस्तारण के निर्देश दिए।
महिलाओं और लड़कियों की सशक्तिकरण पर ज़ोर
इस कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने कहा कि मिशन शक्ति का यह चरण महिलाओं और बालिकाओं को नेतृत्व के लिए प्रेरित करने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा, “देश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अग्रसर हो रही हैं और वे भारत को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।”
इस पहल ने साक्षी और अन्य छात्राओं को न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया का अनुभव दिया, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत किया। मिशन शक्ति के तहत इस कार्यक्रम ने दिखाया कि बेटियों में नेतृत्व क्षमता को पहचानकर उन्हें सशक्त बनाना समाज के विकास के लिए कितना आवश्यक है।



