बस्ती, 20 सितंबर — मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव और प्रख्यात नेता कामरेड सीताराम येचुरी के निधन पर शोक की लहर के बीच आगामी 30 सितंबर को बस्ती में एक सर्वदलीय स्मृति सभा का आयोजन किया जाएगा। यह सभा स्थानीय प्रेस क्लब भवन में सुबह 11 बजे से आयोजित होगी, जहां विभिन्न दलों के नेता और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
माकपा के जिला सचिव शेषमणि ने यह जानकारी देते हुए कहा कि कामरेड येचुरी का व्यक्तित्व अद्वितीय और बहुआयामी था। वे धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और संविधान के प्रति अपनी अटूट निष्ठा के लिए जाने जाते थे। साथ ही, गठबंधन राजनीति के अद्वितीय शिल्पकार के रूप में उन्होंने देश में अनेक विचारधाराओं को एक मंच पर लाने का सफल प्रयास किया था। उनके इस योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए पार्टी ने बस्ती में सर्वदलीय स्मृति सभा का निर्णय लिया है।
संघर्षपूर्ण जीवन का अंत
ज्ञात हो कि कामरेड सीताराम येचुरी को 19 अगस्त को श्वसन संक्रमण के चलते नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। कई दिनों तक चिकित्सीय निगरानी में रहने के बावजूद, 12 सितंबर को अपराह्न 3:05 बजे उनका निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर 14 सितंबर को एम्स को सौंपा गया ताकि उनके अंग चिकित्सा अनुसंधान के लिए उपयोग किए जा सकें, यह कदम उनके समाज के प्रति अंतिम योगदान के रूप में देखा जा रहा है।

बस्ती में शोक की लहर
बस्ती में कामरेड येचुरी के निधन के बाद शोक का माहौल है। के के तिवारी के नेतृत्व में माकपा ने यहां एक सप्ताह का शोक घोषित किया था, जिसके तहत तीन दिनों तक पार्टी कार्यालय पर एक सार्वजनिक श्रद्धांजलि स्थल बनाया गया। यहां लगभग 500 लोगों ने अपने प्रिय नेता को पुष्पांजलि अर्पित की, जिसमें शहर के प्रतिष्ठित लोग, कार्यकर्ता, और समर्थक शामिल थे।

कामरेड येचुरी की विचारधारा और संघर्षमय जीवन ने उन्हें जनता के बीच गहरी पहचान दिलाई थी। सर्वदलीय स्मृति सभा के आयोजन का उद्देश्य उनके संघर्षपूर्ण जीवन और राजनीतिक योगदान को याद करना है।

