सुल्तानपुर में हुए एनकाउंटर के बाद यूपी की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने इस घटना पर राज्य की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में एनकाउंटर जाति देखकर किए जा रहे हैं। यादव का कहना है कि सुल्तानपुर की डकैती में शामिल अन्य आरोपियों के पैर में गोली मारी गई, लेकिन मंगेश यादव को पुलिस ने जान से मार दिया।
सुल्तानपुर की डकैती और एनकाउंटर का घटनाक्रम
28 अगस्त को सुल्तानपुर के एक ज्वेलरी शोरूम में दिनदहाड़े हुई लूट ने शहर को हिला कर रख दिया था। इस वारदात में बदमाशों ने करीब डेढ़ करोड़ की ज्वेलरी लूट ली थी, और घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। इस लूटकांड के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और 03 सितंबर को तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इन बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गोली मारकर घायल किया, जबकि एक अन्य आरोपी ने अदालत में सरेंडर कर दिया।
इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी मंगेश यादव फरार चल रहा था, जिस पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस को 4 सितंबर की रात मंगेश की लोकेशन मिलने के बाद, उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने उसके ठिकाने पर घेराबंदी की। मंगेश ने खुद को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मंगेश घायल हो गया। उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
अखिलेश यादव के आरोप
इस एनकाउंटर के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जातिगत भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश ने बिना नाम लिए कहा कि सुल्तानपुर की डकैती के अन्य आरोपियों को केवल पैर में गोली मारी गई, जबकि मंगेश यादव की जान ले ली गई। उन्होंने कहा कि यूपी में एनकाउंटर जाति देखकर किए जा रहे हैं और सरकार इस तरह से कानून का दुरुपयोग कर रही है।
योगी आदित्यनाथ का जवाब
अखिलेश यादव के आरोपों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। योगी ने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां अपने स्वार्थ के लिए जातियों को बांटने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार कानून व्यवस्था को सर्वोपरि मानती है और जो भी अपराध करेगा, उसे कानून के अनुसार सजा मिलेगी, चाहे वह किसी भी जाति का हो।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पुलिस ने पूरी निष्पक्षता से कार्रवाई की है और मंगेश यादव ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर जातिगत राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार जाति के आधार पर नहीं, बल्कि कानून के आधार पर काम करती है।
एनकाउंटर पर उठते सवाल
इस एनकाउंटर ने प्रदेश में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष के नेता जहां इसे जातिगत भेदभाव का मामला बता रहे हैं, वहीं सरकार का दावा है कि यह एक कानूनी कार्रवाई थी, जिसमें मंगेश यादव ने खुद पुलिस पर फायरिंग की थी। इस मामले ने यूपी में राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है, और सियासी बयानबाजी जारी है।
सुल्तानपुर एनकाउंटर का मामला यूपी की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया है। जहां एक तरफ अखिलेश यादव योगी सरकार पर जाति के आधार पर एनकाउंटर करने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसे विपक्ष की जातिगत राजनीति करार दे रहे हैं। इस घटना से प्रदेश में कानून व्यवस्था पर भी नई बहस छिड़ गई है, और आगे की जांच से ही स्पष्ट होगा कि यह एनकाउंटर वास्तव में किस हद तक न्यायसंगत था।

