गाजियाबाद, दिल्ली से सटा एक प्रमुख शहर, हाल ही में एक सनसनीखेज घटना का गवाह बना जब कुछ युवा स्टंटबाजी के शौक में इस हद तक चले गए कि उन्होंने तहसीलदार की गाड़ी पर भी हाथ आजमाने से गुरेज़ नहीं किया। मामला नेशनल हाईवे-9 का है, जहां विजयनगर थाना क्षेत्र में मजिस्ट्रेट लिखी एक बोलेरो गाड़ी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दो युवकों को खतरनाक स्टंट करते हुए देखा जा सकता है। इस घटना के सामने आते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में ले लिया और गाड़ी का 25 हजार रुपये का चालान भी किया।
घटना का विवरण
घटना उस वक्त की है जब गाजियाबाद के नेशनल हाईवे-9 पर रात के समय तेज़ रफ्तार से दौड़ रही एक सफेद बोलेरो गाड़ी दिखाई दी। इस गाड़ी के खासियत यह थी कि इसके ऊपर लाल और नीले रंग की फ्लैश लाइट लगी हुई थी, जो आमतौर पर सरकारी अधिकारियों की गाड़ियों पर लगाई जाती है। गाड़ी पर साफ-साफ ‘मजिस्ट्रेट’ लिखा हुआ था, जिससे साफ था कि यह कोई सरकारी वाहन है। लेकिन गाड़ी की खिड़की से लटककर स्टंटबाजी कर रहा युवक इस बात की परवाह किए बिना खतरनाक करतब कर रहा था। इस पूरी घटना का वीडियो बनाया गया और इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया, जहां से यह तेजी से वायरल हो गया।
पुलिस की तत्परता
वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई। वीडियो में दिख रही गाड़ी की नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस ने उसे तुरंत ट्रेस कर लिया। जांच में पता चला कि यह गाड़ी गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की है और इस समय तहसील सदर के तहसीलदार के कार्य में लगी हुई थी। मामले की तह तक पहुंचने पर खुलासा हुआ कि गाड़ी का ड्राइवर संजय इसे अपने घर ले गया था, जहां से उसका बेटा और एक अन्य युवक इसे लेकर बाहर निकल गए थे।
नाबालिग सहित दो युवक हिरासत में
पुलिस ने संजय के बेटे और उसके एक दोस्त को हिरासत में ले लिया है। इनमें से एक युवक नाबालिग है। पुलिस ने गाड़ी का 25 हजार रुपये का चालान भी काटा और मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कार्रवाई की बात कही। डीसीपी के अनुसार, इस मामले में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
यह घटना यह संदेश देती है कि कानून का पालन हर नागरिक का कर्तव्य है, चाहे वह किसी भी उम्र का हो। स्टंटबाजी या अन्य खतरनाक गतिविधियां न केवल स्वयं के लिए बल्कि दूसरों के लिए भी जोखिमपूर्ण हो सकती हैं। इस प्रकार की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि समाज में अनुशासन और सुरक्षा बनी रहे।

